- शक्कर के बढ़ते दामों ने बिगाड़ा रसोई का बजट, त्योहारों से पहले मिठास पर महंगाई की मार
उज्जैन। शक्कर की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब आम आदमी की रसोई के बजट पर दिखाई देने लगा है। चाय-कॉफी से लेकर घरेलू मिठाइयों तक रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली शक्कर महंगी होने से परिवारों का मासिक खर्च बढ़ने की चिंता बढ़ गई है। वहीं, त्योहारों का सीजन नजदीक होने के कारण मिठाई और बेकरी कारोबार पर भी इसका असर पड़ने की संभावना है।
शक्कर के दामों में तेजी के पीछे उत्पादन, बाजार में उपलब्धता, स्टॉक और मांग जैसे कई कारण महत्वपूर्ण होते हैं। त्योहारों के दौरान मिठाई, बेकरी और अन्य खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ने से शक्कर की खपत भी बढ़ जाती है। ऐसे में यदि आपूर्ति के मुकाबले मांग अधिक रहती है तो कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
गृहिणियों की बढ़ी चिंता
शक्कर रोजमर्रा की जरूरत की वस्तु है। चाय-कॉफी के अलावा घर में बनने वाली मिठाइयों, शरबत और अन्य खाद्य पदार्थों में इसका इस्तेमाल होता है। कीमतों में लगातार बढ़ोतरी होने पर इसका सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ता है।
मिठाई और बेकरी कारोबार पर भी असर
शक्कर महंगी होने से मिठाई कारोबारियों की उत्पादन लागत बढ़ सकती है। मावा, दूध, ड्राई फ्रूट और अन्य सामग्री के साथ शक्कर की कीमत बढ़ने पर त्योहारों के दौरान मिठाइयों के दाम भी बढ़ने की संभावना रहती है। कारोबारियों के सामने बढ़ी लागत को कीमतों में शामिल करने या अपने मुनाफे को कम करने की चुनौती रहती है।
आगे क्या होगा?
अब बाजार की नजर शक्कर की उपलब्धता और मांग पर है। यदि बाजार में पर्याप्त स्टॉक बना रहता है तो कीमतों पर नियंत्रण संभव है, लेकिन मांग बढ़ने के साथ आपूर्ति प्रभावित हुई तो आने वाले दिनों में आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का बोझ और बढ़ सकता है।
तीन दिन में ऐसे बढ़े शक्कर के दाम
| तारीख | खुदरा भाव |
|---|---|
| 18 अगस्त 2026 | ₹62–63/kg |
| 19 अगस्त 2026 | ₹64–65/kg |
| 20 अगस्त 2026 | ₹67–68/kg |
18 से 20 अगस्त के बीच बढ़ोतरी: करीब ₹4/kg
प्रतिशत बढ़ोतरी: लगभग 6.3% से 6.5%
आगे कितने बढ़ सकते हैं दाम?
फिलहाल शक्कर के भाव को लेकर बाजार में तेजी बनी हुई है। आगामी त्योहारों—गणेश चतुर्थी, दशहरा और दीपावली—के दौरान शक्कर की मांग बढ़ने की संभावना है। ऐसे में यदि घरेलू बाजार में आपूर्ति का दबाव बना रहा तो ₹70 प्रति किलो का स्तर पार होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। कुछ बाजार अनुमानों में त्योहारों के दौरान खुदरा कीमत ₹75–80 प्रति किलो तक जाने की संभावना भी जताई गई है, हालांकि यह अनुमान है और निश्चित कीमत नहीं।


