उज्जैन:|| सिंहस्थ महाकुंभ 2028 को भव्य और सुगम बनाने के लिए प्रशासनिक अमला और जनप्रतिनिधि पूरी तरह मैदान में उतर चुके हैं। गुरुवार को उज्जैन संभाग आयुक्त सह मेला अधिकारी आशीष सिंह और कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने जिले के सांसद, विधायकों और अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के साथ सिंहस्थ के तहत चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का जमीनी निरीक्षण किया।
सर्किट हाउस से बस में एक साथ रवाना हुआ अमला
निरीक्षण की शुरुआत गुरुवार
सुबह सर्किट हाउस से हुई। आपसी समन्वय और समय की बचत के लिए सभी जनप्रतिनिधि, संभाग आयुक्त और कलेक्टर एक ही बस में सवार होकर निरीक्षण स्थलों के लिए रवाना हुए। इस संयुक्त दौरे का मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ के कार्यों की गति को बढ़ाना और समय सीमा में काम पूरा करना है।
सुबह सर्किट हाउस से हुई। आपसी समन्वय और समय की बचत के लिए सभी जनप्रतिनिधि, संभाग आयुक्त और कलेक्टर एक ही बस में सवार होकर निरीक्षण स्थलों के लिए रवाना हुए। इस संयुक्त दौरे का मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ के कार्यों की गति को बढ़ाना और समय सीमा में काम पूरा करना है।कर्कराज पार्किंग और भूखी माता ब्रिज का लिया जायजा
- शिप्रा नदी ब्रिज का निरीक्षण: अधिकारी और जनप्रतिनिधि सबसे पहले कर्कराज पार्किंग और भूखी माता के पास शिप्रा नदी पर बन रहे नए ब्रिज के निर्माण कार्य को देखने पहुंचे।
- घाटों की कार्ययोजना: टीम ने नदी के घाटों का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां चल रहे सौंदर्यीकरण व चौड़ीकरण की कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी ली।
शनि मंदिर घाट के बाद पहुंचे लाल पुल
- शनि मंदिर घाट: भूखी माता क्षेत्र के बाद सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने त्रिवेणी स्थित शनि मंदिर घाट का निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
- लाल पुल ब्रिज: शनि मंदिर घाट का जायजा लेने के बाद पूरी टीम लाल पुल के पास निर्मित हो रहे नए ब्रिज और सड़क चौड़ीकरण के कार्यों का निरीक्षण करने पहुंची।
निर्माणाधीन टनल में उतरे जनप्रतिनिधि और अधिकारी
दौरे के दौरान टीम ने सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी बारीकियों को जांचने के लिए निर्माणाधीन टनल (सुरंग) के अंदर उतरकर काम की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। टनल के भीतर चल रहे कंक्रीटीकरण और खुदाई के कार्य को देखकर अधिकारियों को तय समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए।
के लिए शिप्रा नदी के घाटों का विस्तार किया जा रहा है। निरीक्षण दल ने 29 किलोमीटर लंबेघाट निर्माण कार्यों की प्रगति देखी। अधिकारियों ने बताया कि घाटों के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण का काम किस तरह चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है, ताकि पर्व स्नान के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति न बने।
लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई: ब्रिज निर्माण कंपनी पर ₹5 लाख का जुर्माना
इस संयुक्त निरीक्षण से ठीक एक दिन पहले ही संभाग आयुक्त (कमिशनर) आशीष सिंह ने बड़ी कार्रवाई की है। ब्रिज निर्माण कार्य में देरी और लापरवाही बरतने पर कमिशनर ने संबंधित निर्माण कंपनी पर ₹5 लाख का भारी जुर्माना ठोंका है। इस कार्रवाई से साफ संदेश दे दिया गया है कि सिंहस्थ के कार्यों में किसी भी प्रकार की लेती-लतीफी या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह वरिष्ठ जनप्रतिनिधि रहे मौजूददौरे के दौरान शहर के प्रमुख नीति-निर्माता और जनप्रतिनिधि एक साथ मोर्चे पर नजर आए। इस निरीक्षण दल में मुख्य रूप से शामिल रहे:
- सांसद: अनिल फिरोजिया (लोकसभा सांसद)
- सांसद: उमेशनाथ महाराज (राज्यसभा सांसद)
- विधायक: अनिल जैन कालूहेड़ा
- महापौर: मुकेश टटवाल
- निगम सभापति: कलावती यादव
- उज्जैन विकास प्राधिकरण (UDA) अध्यक्ष: रवि सोलंकी

