भोपाल || उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कल उज्जैन के कालिदास अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता कर ₹1,133.67 करोड़ की लागत से विकसित होने वाली हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना का भूमिपूजन एवं ₹47.23 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रोजेक्ट संवर्धन (मातृ एवं शिशु पोषण) का शुभारंभ भी किया। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने जल आवर्धन परियोजना एवं क्षेत्र में जल आपूर्ति पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में बताया गया कि हरियाखेड़ी परियोजना को 24 माह में पूर्ण कर लिया जाएगा। हरियाखेडी एवं गंभीर पर 2 नए इंटेक वेल का निर्माण किया जा रहा है। इसके अंतर्गत नए जल शोधन संयंत्रों का निर्माण और 17 नए ओवरहेड टैंक बनाए जाएंगे। योजना अंतर्गत 708 किमी पाइपलाइन का नया वितरण नेटवर्क विकसित किया जाएगा तथा पुरानी एसीपी पाइपलाइन भी बदली जाएगी।
परियोजना से 49,087 नए घरेलू जल सेवा कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे। हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना के अंतर्गत सिलारखेड़ी, गंभीर, उंडासा एवं साहिबखेड़ी को मुख्य जल स्रोत के रूप में उपयोग किया जाएगा जिससे सिंहस्थ के दौरान और उसके बाद भी निर्बाध जल आपूर्ति बनी रहे। सिंहस्थ-2028 के दौरान उज्जैन शहर की प्रभावी जनसंख्या लगभग 9.65 लाख तथा मेला क्षेत्र की अस्थायी जनसंख्या लगभग 21.83 लाख अनुमानित है। दिव्य राजसी स्नान के दिनों में एक ही दिन में लगभग 2 करोड़ 28 लाख श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। उज्जैन के निकट बसे लगभग 20 ग्रामों को भी योजना में शामिल किया गया है।
