- 25 अक्टूबर को भवानी मंडी में निकलेगा भव्य त्रिवेणी संगम पथ संचलन
- तीन स्थानों से एक साथ होगा शुभारंभ
- संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष आयोजन
- सुबह 10:27 बजे गर्ल्स स्कूल चौराहे पर होगा त्रिवेणी संगम
भवानी मंडी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्र साधना के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भवानी मंडी नगर में 25 अक्टूबर, रविवार को विजयादशमी उत्सव के अंतर्गत भव्य त्रिवेणी संगम पथ संचलन का आयोजन किया जाएगा। नगर में पहली बार आयोजित होने वाले इस विशेष पथ संचलन को लेकर स्वयंसेवकों में उत्साह है। आयोजन की तैयारियां करीब एक माह पहले से ही शुरू कर दी गई हैं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला संघचालक बनेसिंह सोलंकी ने बताया कि संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में यह विशेष आयोजन होगा। त्रिवेणी संगम पथ संचलन शताब्दी वर्ष का अंतिम उत्सव होगा। इसकी तैयारियों में स्वयंसेवक पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ जुटे हुए हैं।
तीन स्थानों से शुरू होगा पथ संचलन
जिला संघचालक बनेसिंह सोलंकी के अनुसार, 25 अक्टूबर को सुबह 9 बजे नगर में तीन अलग-अलग स्थानों पर स्वयंसेवकों का एकत्रीकरण होगा। तीनों स्थानों से एक साथ पथ संचलन प्रारंभ किया जाएगा।पहला एकत्रीकरण श्री हनुमान बस्ती, रामनगर में होगा। इसमें श्रीराम बस्ती, कालेश्वर बस्ती और वाल्मीकि बस्ती के स्वयंसेवक शामिल होंगे।
दूसरा एकत्रीकरण भैंसोदा मंडी स्थित जिम के सामने वाले मैदान में होगा। इसमें मां अम्बे बस्ती, हनुमान बस्ती और नीलकंठ बस्ती के स्वयंसेवक भाग लेंगे।वहीं, तीसरा एकत्रीकरण संस्कार भारती स्कूल के पीछे स्थित मैदान में होगा। इसमें शिवाजी बस्ती, महावीर बस्ती, डॉ. भीमराव अंबेडकर बस्ती और पचपहाड़ की वीर पृथ्वीराज बस्ती के स्वयंसेवक शामिल होंगे।

सुबह 10:27 बजे होगा त्रिवेणी संगम
तीनों स्थानों से प्रारंभ होने वाले पथ संचलन का मिलन सुबह 10 बजकर 27 मिनट पर गर्ल्स स्कूल चौराहे पर होगा। यहां तीनों संचलनों का संगम होने के बाद सभी स्वयंसेवक एक साथ मेला मैदान पहुंचेंगे। मेला मैदान में आयोजित कार्यक्रम के साथ पथ संचलन का समापन होगा।
पूर्ण गणवेश में शामिल होंगे स्वयंसेवक
बनेसिंह सोलंकी ने बताया कि त्रिवेणी संगम पथ संचलन को लेकर तैयारियां लगातार जारी हैं। स्वयंसेवक आयोजन को सफल बनाने के लिए जुटे हुए हैं। पथ संचलन में केवल पूर्ण गणवेशधारी स्वयंसेवक ही शामिल होंगे।
नगर में पहली बार होने जा रहे इस त्रिवेणी संगम पथ संचलन को संघ के शताब्दी वर्ष के विशेष आयोजन के रूप में देखा जा रहा है।

