बिहार में नई सरकार बनने के बाद अब मंत्रिमंडल पर माथापच्ची चल रही है। 10 फरवरी को नीतीश सरकार को सदन में बहुमत साबित करना है। NDA के पास फिलहाल 128 विधायक हैं, यानी बहुमत से सिर्फ 6 ज्यादा। वहीं महागठबंधन बहुमत से 7 सीट दूर है। बिहार में सरकार गिरने के बाद तेजस्वी ने कहा था कि असली खेला अभी बाकी है।
नीतीश कुमार महागठबंधन से अलग होकर BJP के साथ सरकार बना रहे थे, तब भी माना जा रहा था कि RJD सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है। सबसे ज्यादा 79 विधायकों वाली RJD को कांग्रेस और लेफ्ट के साथ सरकार बनाने के लिए सिर्फ 7 विधायकों की जरूरत थी।
कयास लगाए जा रहे थे कि ऐसी स्थिति में पार्टी अध्यक्ष लालू यादव कुछ उलटफेर कर सकते हैं। हालांकि, ऐसा कुछ नहीं हुआ। RJD ने एक तरह से नई सरकार को वॉकओवर दे दिया। पार्टी की रणनीति है कि JDU के विधायक तोड़कर सरकार बनाने की बजाय उसके वोटर अपने पाले में किए जाएं।
उधर, शपथ ग्रहण समारोह होते ही विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे दिया गया। चौधरी RJD से विधायक हैं। ऐसे में नई सरकार आने के बाद आगे RJD का एक्शन प्लान क्या होगा, ये समझने के लिए दैनिक भास्कर ने पार्टी के राज्यसभा सांसद मनोज झा और विधानसभा स्पीकर अवध बिहारी चौधरी से बात की।
