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हार्टफुलनेस इंस्टिट्यूट द्वारा पर्यावरण जागरूकता हेतु “ग्रीन हार्टफुलनेस रन “का आयोजन किया

उज्जैन ||  पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए संस्था हार्टफुलनेस के द्वारा रन का आयोजन किया गया | रविवार को विक्रम विश्वविद्यालय के स्वर्ण -जयंती द्वार से हार्टफुलनेस इंस्टिट्यूट द्वारा पर्यावरण जागरूकता हेतु “ग्रीन हार्टफुलनेस रन ” की शुरुवात की । इस आयोजन में  दो सौ से अधिक प्रयोभागियों ने  हार्ट फुलनेस रन में अपनी भागीदारी दिखाई | दौड़ का शुभारम्भ विक्रम विश्वविद्यालय के  कुलगुरु डॉ. अर्पण भारद्वाज द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया।

NCC के कैडेट एवं अधिकारी, हार्टफुलनेस संस्था के सदस्यों एवं पर्यावरण संस्था “वृक्ष -मित्र सेवा समिति ” के सदस्यों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

दौड़ के पश्चात् प्रतिभागियों एवं अतिथियों द्वारा वृहद स्तर पर वृक्षरोपण कर पर्यावरण को समर्पित कार्यक्रम का समापन किया गया। ज्ञातव्य है कि” ग्रीन हार्टफुलनेस रन ” का यह आयोजन आज देश के 100 विभिन्न शहरों में एक साथ संपन्न हुआ, उज्जैन उनमें से एक है।उक्त आयोजन को सफल बनाने हेतु विक्रम विश्वविद्यालय नें प्रशंसनीय सहयोग प्रदान किया।

 

हार्टफुलनेस का मतलब क्या है?

हम ‘हार्टफुलनेस’ को कैसे परिभाषित या परिभाषित करते हैं? एक संभावित परिभाषा यह है कि हार्टफुलनेस एक ऐसी स्थिति है जहाँ नियंत्रण का केंद्र या स्थान हृदय है ; रक्त के पंपिंग स्टेशन के रूप में भौतिक हृदय नहीं, बल्कि व्यक्ति के जीवन में मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में ‘आध्यात्मिक’ हृदय।

हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट क्या है?

हार्टफुलनेस संस्थान दुनिया भर में आध्यात्मिक विकास का समर्थन करने वाले व्यावहारिक और अभिनव दृष्टिकोण प्रदान करता है और इसमें विभिन्न स्तरों और आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए संसाधनों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है जिसमें ध्यान, विश्राम, नेतृत्व, कल्याण और जीवन शैली के पहलू शामिल हैं। यह एक गैर-लाभकारी संगठन है।

हार्टफुलनेस में दिल पर ध्यान क्यों करें?

हार्टफुलनेस मेडिटेशन अभ्यास में हृदय में दिव्य प्रकाश के स्रोत पर ध्यान करने की सलाह क्यों दी जाती है? एक कारण यह है कि भौतिक हृदय रक्त का पंपिंग स्टेशन है । यह शरीर के सभी भागों में शुद्ध रक्त भेजता है।

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