उज्जैन | शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने उज्जैन संभाग के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की । इस बैठक का मुख्य उद्देश्य रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं उपार्जन की प्रगति और ग्रीष्मकाल के दौरान संभाग में पेयजल प्रदाय की स्थिति का जायजा लेना था ।
डॉ. राजौरा ने निर्देश दिए कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो । केंद्रों पर पेयजल, छाया और बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ तौल-कांटों की पर्याप्त संख्या रखने के निर्देश दिए गए ।
पोर्टल और सर्वर से जुड़ी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने को कहा गया ताकि किसान सुगमता से अपनी उपज बेच सकें।
अन्य राज्यों से आने वाले गेहूं के अवैध उपार्जन को रोकने के लिए सीमाओं पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पेयजल संकट वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां वैकल्पिक व्यवस्था (जैसे टैंकरों द्वारा जलापूर्ति) और सुचारू जल निकासी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया ।
डॉ. राजौरा ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य समय पर दिलाना और नागरिकों को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना है। इस बैठक में उज्जैन संभाग के कलेक्टर, संभागायुक्त और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे |
