Jan Samvad Express Digital
Breaking News
Image default
Breaking Newsअंतरराष्ट्रीयउज्जैनउज्जैन संभागधर्ममध्यप्रदेशराजनीतिराज्यराष्ट्रीय

सिंहस्थ महापर्व 2028 : श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगमता के लिए ‘साइंटिफिक एप्रोच’ पर जोर, 3050 करोड़ की अस्थाई कार्ययोजना की समीक्षा

उज्जैन/भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप सिंहस्थ 2028 को भव्य, सुरक्षित और आध्यात्मिक रूप से यादगार बनाने के लिए राज्य सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में अपर मुख्य सचिव (ACS) डॉ. राजेश राजौरा ने सिंहस्थ क्षेत्र में किए जाने वाले अस्थाई कार्यों की 3050 करोड़ रुपए की प्रस्तावित कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की। इस बार की योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसमें समाहित ‘वैज्ञानिक विश्लेषण’ (Scientific Analysis) है।

भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए वैज्ञानिक मॉडल

बैठक के दौरान डॉ. राजौरा ने निर्देश दिए कि सिंहस्थ क्षेत्र में बनने वाले अस्थाई ढांचों, रास्तों और घाटों का निर्माण केवल पारंपरिक तरीके से न होकर वैज्ञानिक डेटा पर आधारित होना चाहिए। इसमें पिछले सिंहस्थ के फुटफॉल, पीक डेज (शाही स्नान) के दौरान संभावित भीड़ का दबाव और आपातकालीन निकासी (Evacuation) के वैज्ञानिक मॉडल का उपयोग किया जाएगा।
अस्थाई कार्यों पर खर्च होंगे 3050 करोड़ रुपए प्रस्तावित कार्ययोजना के तहत 3050 करोड़ रुपए की राशि मुख्य रूप से अस्थाई उपनगरीय व्यवस्थाओं पर खर्च की जाएगी।


इसमें शामिल हैं:

* अस्थाई सड़कें और पुल: श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए शिप्रा नदी पर अस्थाई पुल और पहुंच मार्गों का जाल बिछाया जाएगा।
* पेयजल और स्वच्छता: करोड़ों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अस्थाई पाइपलाइन, वाटर एटीएम और आधुनिक पोर्टेबल टॉयलेट्स की व्यवस्था।
* प्रकाश और सुरक्षा: पूरे मेला क्षेत्र में हाई-टेक लाइटिंग और चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए एआई (AI) आधारित सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम।
* सेक्टर ऑफिस और चिकित्सा: प्रत्येक सेक्टर में अस्थाई अस्पताल और प्रशासनिक केंद्रों का निर्माण।


आध्यात्मिक अनुभव पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री की मंशा है कि उज्जैन आने वाला हर श्रद्धालु एक दिव्य अनुभव लेकर जाए। इसके लिए मेला क्षेत्र में आध्यात्मिक साइनेज, लैंडस्केपिंग और ध्वनि प्रणाली का उपयोग किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं को उज्जैन की धार्मिक विरासत से जोड़ेगा।
अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि सभी अस्थाई कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया जाए, ताकि सिंहस्थ की शुरुआत से पहले सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हों।

Related posts

जंगलो में पहाड़ पर चढ़ने और पानी में बैठने में माफिर वन वीरो की होगी भर्ती , शासन को भेजा प्रस्ताव

कई राज्यों में बारिश की संभावना , मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट

महिला आरक्षण बिल पर राज्यसभा में बहस आज ,लोकसभा में पास हुआ बिल

Jansamvad Express Digital

Leave a Comment