नई दिल्ली: || नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले और इसके विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज किए जाने के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार को एक बार के स्थगन के बाद दूसरी बार दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन यानी मंगलवार को भी राज्यसभा में नीट परीक्षा और पेपर लीक का मुद्दा उठाया गया। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मामले को उठाते हुए कहा कि जंतर मंतर पर छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया। नेता प्रतिपक्ष के इस वक्तव्य के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जिसके बाद सदन में हंगामा बढ़ गया और सभापति सीपी राधाकृष्णन ने राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले सदन में अपनी बात रखते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि उन्हें नीट परीक्षा और कथित पेपर लीक के मुद्दे पर बोलने का अवसर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कल (सोमवार) एक निंदनीय घटना हुई। हमारे जो छात्र पेपर लीक और नीट परीक्षा को लेकर आवाज उठा रहे हैं, उन पर बल प्रयोग किया गया। इन छात्रों पर आंसू गैस छोड़ी गई।
खड़गे ने कहा कि कई छात्र घायल हुए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि छात्रों की आवाज़ सुनी जानी चाहिए। विपक्ष का कहना है कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर देशभर के छात्रों और अभिभावकों में चिंता का माहौल है।
उन्होंने कहा कि लाखों छात्र वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा में शामिल होते हैं और ऐसे मामलों से उनकी मेहनत तथा भविष्य दोनों प्रभावित होते हैं। उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले पर सदन में जवाब देने और स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे को पर्याप्त गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है तथा यदि कहीं भी अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। खड़गे के वक्तव्य के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई सदस्य एक साथ अपनी-अपनी बात रखने लगे। देखते ही देखते सदन में शोर-शराबा बढ़ गया और दोनों पक्षों के सांसदों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी।
