रांची, : झारखंड में सरकारी नौकरियों की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं (Paper Leak) को लेकर जारी छात्र आंदोलन अब और उग्र हो गया है। परीक्षाओं में पारदर्शिता और सीबीआई जांच की मांग कर रहे अभ्यर्थियों के समर्थन में शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की कोशिश की। इस दौरान मुख्यमंत्री आवास के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई।
सुरक्षा घेरा तोड़ने का प्रयास कर रहे छात्रों को रोकने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। इस हंगामे में कुछ कार्यकर्ताओं को मामूली चोटें आई हैं, जबकि पुलिस ने मौके से 8 से 10 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है।
विश्वविद्यालय से शुरू हुआ था ‘सीएम आवास मार्च’
एबीवीपी (ABVP) की झारखंड इकाई ने पिछले 15 दिनों से सड़कों पर उतरे अभ्यर्थियों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए इस ‘मुख्यमंत्री आवास मार्च’ का आह्वान किया था। सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता रांची के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय परिसर में एकत्रित हुए। वहां से छात्र हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े।
बैरिकेड्स पर चढ़े छात्र, सड़क पर दिया धरना
जैसे ही मार्च मुख्यमंत्री आवास के वीआईपी सुरक्षा जोन के पास पहुंचा, वहां पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने बैरिकेडिंग कर छात्रों को रोक लिया। इससे नाराज छात्र वहीं सड़क पर बैठकर धरना देने लगे। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई। कुछ उत्साहित कार्यकर्ता पुलिस के वाहनों और बैरिकेड्स पर चढ़ गए और उन्हें लांघने की कोशिश करने लगे।
सुरक्षा घेरा टूटता देख पुलिस ने मोर्चा संभाला और छात्रों को खदेड़ा, जिसके बाद दोनों पक्षों में जमकर धक्का-मुक्की हुई। रांची पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 8 से 10 लोगों को हिरासत में लेकर लालपुर थाना भेजा गया है।
क्यों भड़का है झारखंड के छात्रों का गुस्सा?
झारखंड में JPSC (14वीं पीटी परीक्षा) और JSSC-CGL जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, धांधली और भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद छात्र बेहद आक्रोशित हैं। युवा पिछले दो हफ्तों से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरने और भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगें:
कथित परीक्षा घोटालों की CBI (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) से निष्पक्ष जांच कराई जाए।विवादित और संदिग्ध परीक्षाओं को तत्काल रद्द किया जाए।परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों के ढांचे में पारदर्शी और कड़े सुधार किए जाएं।
सरकार के साथ वार्ता रही बेनतीजा
छात्रों के बढ़ते गुस्से को शांत करने के लिए शुक्रवार को झारखंड सरकार के मंत्रियों और ‘JPSC-JSSC सुधार मंच’ के प्रतिनिधियों के बीच करीब दो घंटे तक उच्च स्तरीय बैठक हुई थी। हालांकि, यह वार्ता पूरी तरह बेनतीजा रही। सरकार ने नीतिगत सुधारों के लिए सुझाव मांगने हेतु एक आधिकारिक ईमेल आईडी (
JPSSC.feedback@gmail.com) जारी की है, लेकिन छात्र परीक्षा रद्द करने और ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। शनिवार को हुई इस झड़प के बाद रांची में राजनीतिक और सामाजिक तनाव और बढ़ गया है।

