इंदौर || : मध्य प्रदेश की आर्थिक और शैक्षणिक राजधानी इंदौर आज देश भर के युवाओं की आवाज का केंद्र बन गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज इंदौर के रीजनल पार्क के सामने स्थित IDA ग्राउंड (भारत जोड़ो मैदान) में युवाओं से रू-ब-रू हो रहे हैं। ‘छात्रों की गूंज’ नाम के इस महा-संवाद कार्यक्रम के जरिए राहुल गांधी सीधे जैन-जी (Gen-Z) यानी आज के दौर के युवाओं से संवाद कर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। कांग्रेस का दावा है कि इस कार्यक्रम के लिए करीब 2 लाख छात्रों ने अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है।
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की मुख्य बातें:
- मुख्य एजेंडा: मध्य प्रदेश और देश में चरमराई शिक्षा व्यवस्था, NEET व व्यापम जैसे घोटाले, पेपर लीक, महंगी फीस और रोजगार के संकट पर खुली चर्चा।
- कार्यक्रम का समय: राहुल गांधी दोपहर करीब 2:00 बजे इंदौर पहुंचे और शाम 5:30 बजे से उनका मुख्य संवाद कार्यक्रम शुरू हुआ।
- नॉन-पॉलिटिकल मंच: इस मंच को पूरी तरह से गैर-राजनीतिक रूप दिया गया है ताकि छात्र बिना किसी संकोच के अपनी बात रख सकें।
प्रशासन और पुलिस की 31 कड़ी शर्तें
इस कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा और कानून व्यवस्था के मद्देनजर इंदौर पुलिस ने आयोजकों के सामने 31 बेहद सख्त शर्तें रखी हैं। इनमें सबसे खास बात यह है कि पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए गठित जस्टिस जे. एस. वर्मा आयोग की रिपोर्ट का हवाला दिया है।प्रमुख शर्तें और व्यवस्थाएं:
- कार्यक्रम में आने वाले सभी जिलों और कॉलेजों के छात्रों की सूची, बसों के नंबर और पार्किंग का पूरा विवरण देना अनिवार्य है।
- मैदान में सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए 1500 स्वयंसेवकों (वॉलंटियर्स) की तैनाती की गई है, जिनमें 500 महिलाएं शामिल हैं।
- पूरे आयोजन स्थल पर आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 6 प्रवेश द्वार, 8 निकास द्वार और एक मेडिकल इमरजेंसी कॉरिडोर बनाया गया है।
- सुरक्षा के लिहाज से पूरे कार्यक्रम की लाइव वीडियोग्राफी करवाई जा रही है।
होर्डिंग्स और मैदान को लेकर भारी सियासी घमासान
इंदौर में इस कार्यक्रम को लेकर बीते कई दिनों से राजनीति चरम पर है। शुरुआत में कार्यक्रम नेहरू स्टेडियम में होना था, लेकिन अनुमति न मिलने के कारण आयोजन स्थल को रीजनल पार्क के सामने शिफ्ट करना पड़ा, जिससे तारीख भी 12 सितंबर से बदलकर 19 सितंबर करनी पड़ी।
आज सुबह इंदौर की सड़कों और चौराहों पर 100 से ज्यादा विवादित होर्डिंग्स (जिसमें कांग्रेस के अनुसार ‘झूठ की गूंज’ लिखा था) लगाए जाने के बाद विवाद और गहरा गया। कांग्रेस पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने कई जगहों से खुद इन पोस्टरों को उतारा। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे और मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रशासन और भाजपा सरकार मिलकर छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन युवाओं की गूंज रुकने वाली नहीं है।
क्यों चुना गया इंदौर?
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, इंदौर मध्य प्रदेश में शिक्षा का सबसे बड़ा हब है, जहाँ राज्य के कोने-कोने से लाखों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के लिए आते हैं। ऐसे में राहुल गांधी का यह कदम आगामी चुनावों (2029 लोकसभा) को देखते हुए युवा वोट बैंक (Gen-Z) तक अपनी राष्ट्रीय पहुंच मजबूत करने की कांग्रेस की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
👉 इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की जमीनी तैयारियों और छात्रों के उत्साह को देखने के लिए आप नीचे दिया गया वीडियो देख सकते हैं:


