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Rahul Gandhi की प्रयागराज यात्रा से पहले ‘पोस्टर वार’ से गरमाई सियासत, SRN अस्पताल का नाम बदलने की उठी मांग

प्रयागराज || : कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की शनिवार को होने वाली प्रयागराज यात्रा से ठीक पहले संगम नगरी में राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। शहर के प्रमुख चौराहों और दीवारों पर लगे पोस्टरों ने इस यात्रा से पहले भारी सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। एक तरफ जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के स्वागत और सरकार के विरोध में पोस्टर चपकाए हैं, वहीं दूसरी तरफ शहर के सबसे बड़े स्वरूपरानी नेहरू (SRN) अस्पताल का नाम बदलने की मांग वाले पोस्टरों ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।

स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल का नाम बदलने की मांग

शहर के कई महत्वपूर्ण स्थानों पर लगाए गए पोस्टरों में मांग की गई है कि स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल का नाम बदलकर काकोरी कांड के महान शहीद ठाकुर रोशन सिंह के नाम पर किया जाए। गौरतलब है कि स्वरूपरानी नेहरू, देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की माता थीं और राहुल गांधी उनके परनाती हैं। राहुल गांधी शनिवार को इसी अस्पताल से कुछ ही दूरी पर स्थित केपी कम्युनिटी मैदान में छात्रों और युवाओं के साथ ‘संविधान सम्मान सम्मेलन’ और संवाद करने वाले हैं।

शहीद के प्रपौत्र देंगे धरना

यह पूरा मामला इसलिए भी संवेदनशील हो गया है क्योंकि जिस स्थान पर आज एसआरएन अस्पताल खड़ा है, वहां कभी ब्रिटिश काल की ‘मलाका जेल’ हुआ करती थी। इसी मलाका जेल में स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर रोशन सिंह को अंग्रेजों ने फांसी दी थी। शनिवार को शहीद ठाकुर रोशन सिंह के प्रपौत्र शरद सिंह एसआरएन अस्पताल परिसर पहुंचने वाले हैं। वह वहां अपने पूर्वज को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और अस्पताल का नाम बदलने की मांग को लेकर एक धरने को भी संबोधित करेंगे। 

पोस्टर पॉलिटिक्स से आमने-सामने कांग्रेस और विपक्ष

एक ही दिन राहुल गांधी का कार्यक्रम और दूसरी तरफ नेहरू परिवार के नाम पर बने अस्पताल को बदलने की मांग ने स्थानीय प्रशासन को भी अलर्ट पर डाल दिया है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि राहुल गांधी के दौरे की सफलता और युवाओं के बीच उनके बढ़ते प्रभाव से ध्यान भटकाने के लिए यह सुनियोजित ‘पोस्टर वार’ शुरू किया गया है। वहीं, नाम बदलने की मांग करने वाले गुटों का तर्क है कि देश के लिए जान न्यौछावर करने वाले शहीदों को उनके बलिदान स्थल पर उचित सम्मान मिलना चाहिए।
प्रयागराज में शनिवार की दोपहर होने वाले इन दोनों कार्यक्रमों को देखते हुए शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस बल चप्पे-चप्पे पर नजर रख रहा है।

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