ग्वालियर आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ग्वालियर-चंबल क्लस्टर की चार लोकसभा क्षेत्र के नेताओं और कार्यकर्ताओं से वन-टू-वन चर्चा की। उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया कि हम लोकसभा चुनाव में भाजपा-370 और NDA-400 पार का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।
शाह ने कार्यकर्ताओं को जीत के चार मंत्र दिए हैं। इसमें सबसे ज्यादा फोकस बूथ को कांग्रेस मुक्त बनाने पर है। शाह के चार मंत्र में हारे हुए या कमजोर बूथ पर जाकर विस्तार, शुद्धिकरण, संस्कारीकरण और परिपूर्ण कर उसे अजेय बनाना है। यह फॉर्मूला गुजरात में लगातार भाजपा की जीत का मंत्र है। चलिए समझते हैं कि अमित शाह के चार मंत्र आखिरकार कैसे पूरे होंगे…
शाह के चार मंत्र
- बूथ पर पार्टी का विस्तार: गृहमंत्री अमित शाह ने क्लस्टर बैठक में कहा कि ऐसे बूथ जहां हम (BJP) कमजोर हैं या हारे हैं, वहां कार्यकर्ता को पार्टी का विस्तार करना है। मतलब यहां कार्यकर्ता को भारतीय जनता पार्टी को उन क्षेत्र में भी ले जाना है, जहां उसके वोट नहीं हैं। एक-एक वोट कीमती होता है। एक-एक वोट से बूथ और पार्टी को मजबूत करना है।
- शुद्धिकरण: जब हारे हुए या कमजोर बूथ पर पार्टी का विस्तार हो जाए तो यहां अगला कदम शुद्धिकरण करना है। मतलब वोटर्स के मन से अन्य दलों को बाहर निकालकर भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा का प्रवेश कर तन, मन, धन का शुद्धिकरण करना है।
- संस्कारीकरण: जब बूथ पर पार्टी का विस्तार, शुद्धिकरण हो जाए तो वहां कार्यकर्ता को संस्कारीकरण करना है। मतलब यहां लोगों को बताना है कि भाजपा में कार्यकर्ता ही सबसे बड़ा होता है। यहां विकास, सिद्धांत, पादर्शिता के जो संस्कार हैं, उससे बूथ को संस्कारित करना है, जिससे हर बूथ पर भाजपा की पकड़ मजबूत हो सके।
- परिपूर्ण कर अजेय बनाना: गृहमंत्री अमित शाह ने क्लस्टर बैठक में कार्यकर्ताओं से कहा कि जब पहले तीन मंत्र पूरे हो जाएं तो चौथा मंत्र है- बूथ को परिपूर्ण कर उसे अजेय बनाना। मतलब जब बूथ आपका हो जाएगा तो उसे कांग्रेस मुक्त बनाकर उसे अजेय बना देना, जिससे वहां भाजपा की जीत के अलावा कुछ और न सुनाई दे, न दिखाई दे।

