नई दिल्ली : अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण जहाज़ों, रेल वैगनों या स्टोरेज टैंकों में उपयोग में लाए जाने वाले तेल बाज़ार की कीमतों में तेज उछाल आया है। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत गुरुवार को 119 डॉलर प्रति बैरल के उच्च स्तर तक पहुंच गई, हालांकि बाद में यह करीब 109 डॉलर प्रति बैरल पर स्थिर हो गई।
वहीं, मध्य पूर्व के बेंचमार्क दुबई क्रूड की कीमत रिकॉर्ड 166.80 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। युद्ध के कारण यदि सप्लाई बाधित रहती है, तो ब्रेंट क्रूड 2008 में दर्ज अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 147.50 डॉलर प्रति बैरल को भी पार कर सकता है। यूरोप और अफ्रीका के कच्चे तेल के कार्गो की कीमत बढ़कर लगभग 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।
वहीं, प्रतिबंधों के कारण पहले भारी छूट पर बिक रहा रूस का तेल भी अब उछलकर 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया है। मध्य पूर्व में तेल और गैस सुविधाओं पर लगातार हमलों के बाद पैदा हुई सप्लाई की कमी जारी रहने की आशंका है। यह स्थिति वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में अब तक की सबसे बड़ी बाधा बन चुकी है।
ईरान ने Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाज़ों की आवाजाही भी सीमित कर दी है। यह अहम जलमार्ग दुनिया के करीब 20% तेल और गैस परिवहन का रास्ता है। साथ ही, ईरान ने चेतावनी दी है कि जो जहाज़ इस संकरे जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश करेंगे, उन पर हमला किया जा सकता है।
