नई दिल्ली | संसद में दिए कांग्रेस सांसद राहुल गाँधी के बयान के बाद एक बार फिर केंद्र सरकार के नेताओ को हिला दिया है , राहुल गाँधी ने कहा था की UPSC में संघ यानी RSS के लोगो की भर्ती हो रही है , राहुल के इस बयान के बाद अब केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सरकार की तरफ से मोर्चा संभाल लिया है और अपने सोशल मीडिया पेज पर राहुल गाँधी पर तंज कसा है |
UPSC में लेटरल एंट्री को लेकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाए थे कि UPSC के प्रमुख पदों पर RSS से जुड़े लोगों की भर्ती की गई है। इसका जवाब देते हुए सोमवार सुबह केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा- लैटरल एंट्री मामले पर कांग्रेस का पाखंड देश के सामने है।
वैष्णव ने X पर पोस्ट में लिखा- यह UPA सरकार ही थी जिसने लेटरल एंट्री का कॉन्सेप्ट लाया। दूसरा प्रशासनिक सुधार आयोग (ARC) 2005 में UPA सरकार में ही लाया गया था। इस आयोग की अध्यक्षता वीरप्पा मोइली ने की थी।
Lateral entry
INC hypocrisy is evident on lateral entry matter. It was the UPA government which developed the concept of lateral entry.
The second Admin Reforms Commission (ARC) was established in 2005 under UPA government. Shri Veerappa Moily chaired it.
UPA period ARC…
— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) August 18, 2024
UPA सरकार के कार्यकाल की ARC ने सुझाव दिया था कि जिन पदों पर स्पेशल नॉलेज की जरूरत है, वहां विशेषज्ञों की नियुक्ति होनी चाहिए। NDA सरकार ने ARC की इस सिफारिश को लागू करने के लिए ट्रांसपेरेंट तरीका अपनाया है।
𝐔𝐏𝐒𝐂 ने 17 अगस्त को लेटरल एंट्री के जरिए 𝟒𝟓 जॉइंट सेक्रेटरी, डिप्टी सेक्रेटरी और डायरेक्टर लेवल की नौकरियां निकाली। ये अब तक की सबसे बड़ी लेटरल भर्ती है। लेटरल भर्ती में कैंडिडेट्स बिना UPSC की परीक्षा दिए रिक्रूट किए जाते हैं। इसमें आरक्षण के नियमों का भी फायदा नहीं मिलता है।

