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मिशन 2024 को लेकर विपक्षी दलों की बेंगलुरु में हुई बैठक

देश में होने वाले अगले आम चुनाव में एक साल से भी कम वक्त बचा है. ऐसे में सभी मुख्य पार्टियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं. पटना की बैठक के बाद विपक्षी दलों का इस बार बेंगलुरु (Bengaluru) में जमावड़ा लगा है. सोमवार (17 जुलाई) को विपक्षी नेताओं ने डिनर के साथ-साथ चुनाव को लेकर मंथन किया. अब मंगलवार (18 जुलाई) का दिन अहम रहने वाला है. क्योंकि इस दिन विपक्ष की औपचारिक बैठक है और दिल्ली में एनडीए (NDA) की भी मीटिंग बुलाई गई है. |

विपक्षी दलों की दूसरी बैठक कांग्रेस की अध्यक्षता में हो रही है. सोमवार को हुए डिनर में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, टीएमसी चीफ और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू नेता नीतीश कुमार, डीएमके चीफ और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव शामिल रहे.

इनके अलावा शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे, झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती और कुछ अन्य नेता भी इस अनौपचारिक बैठक में शामिल हुए.

विपक्षी नेताओं की डिनर मीटिंग पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि आज कोई मुलाकात नहीं हुई, सिर्फ अनौपचारिक बातचीत हुई. रात का खाना भी था. हम कल फिर मिलेंगे और फिर सारी बातें बता देंगे. एनसीपी चीफ शरद पवार और कुछ अन्य नेता सोमवार को नहीं आए. ये नेता मंगलवार की बैठक में शामिल होंगे. जिसमें 26 दल हिस्सा ले रहे हैं. बैठक स्थल पर एक बैनर लगा था जिस पर ‘यूनाइटेड वी स्टैंड’ (हम एक हैं) लिखा हुआ था. इस नारे के पोस्टरों से बेंगलुरु की सड़कें भी पटी पड़ी हैं.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ट्वीट किया कि अच्छी शुरूआत तो आधी मंजिल तय. समान विचारधारा वाले विपक्षी दल सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और राष्ट्रीय कल्याण के एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करेंगे. हम भारत के लोगों को नफरत, विभाजन, आर्थिक असमानता और लूट की निरंकुश और जनविरोधी राजनीति से मुक्त करना चाहते हैं. इस भारत के लिए हम एकजुट हैं.

कांग्रेस महासचिव रमेश ने एनडीए की दिल्ली में होने वाली बैठक को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो एनडीए पिछले कई वर्षों से सिर्फ दिखावा बनकर रह गया था, अब उसे पुनर्जीवित करने की कोशिश की जा रही है. यह 26 विपक्षी दलों के एक साथ आने का सीधा असर है. 23 जून को पटना में सफल बैठक हुई थी. बेंगलुरु में बैठक में और अधिक दल भाग ले रहे हैं. इससे घबराकर बीजेपी एनडीए को मजबूत करने का प्रयास कर रही है.

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बताया कि एनडीए की बैठक मंगलवार शाम को तय की गई है. हमारे 38 सहयोगियों ने कल होने वाली बैठक में शामिल होने की पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि आज एनडीए के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ा है. ये एक आदर्श गठबंधन है. ये सत्ता के लिए नहीं, बल्कि सेवा करने के लिए गठबंधन है. ये गठबंधन भारत को मजबूत बनाने के लिए है.

जेपी नड्डा ने विपक्षी दलों की बैठक पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दलों के गठबंधन की बुनियाद स्वार्थ पर टिकी है. उन्होंने कहा कि ये विपक्षी गठबंधन भानुमति का कुनबा है. कहीं का ईंट, कहीं का रोड़ा, भानुमति ने कुनबा जोड़ा वाला गठबंधन है. न तो इनके पास नेता है, न नीयत है, न ही नीति है और ना ही फैसला लेने की ताकत है. ये तस्वीर खिंचवाने के लिए अच्छा है.

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