Jan Samvad Express Digital
Breaking News
Image default
Breaking Newsउज्जैनउज्जैन संभागमध्यप्रदेशराजनीतिराज्यराष्ट्रीय

संत ने निर्दलीय चुनाव लड़ने के फैसले से लिया यु टर्न , पत्रकारों ने पूछा कितना पॅकेज मिला

उजैन | मध्यप्रदेश में होने वाले चुनाव में प्रत्याशियों के लिए निर्दलीय चुनाव का पर्चा जमा करने वाले लोग चुनोती बने हुए है , कही इन्हें मना लिया गया तो कही ये मानने को तेयार नहीं है |उज्जैन में दो दिन पहले संतो ने भी प्रेस वार्ता करते हुए उज्जैन की सीटो पर निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान किया था , संतो का कहना है की भाजपा के साथ संत खड़े रहते है और ऐसे में भाजपा ने कही भी संतो को प्रत्याशी नहीं बनाया , यहाँ तक की धार्मिक नगरी उज्जैन में भी संतो ने किसी एक संत को टिकिट नहीं दिया |

वही प्रेस वार्ता के दोरान  उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव के खिलाफ उज्जैन दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लडऩे का ऐलान करने वाले क्रांतिकारी संत डॉ अवधेशपुरी महाराज ने  भूमाफिया , सिंहस्थ क्षेत्र की जमीन पर कब्ज़ा ज़माने वाले नेता कहते हुए गंभीर आरोप भी लगाए थे
लेकिन दो दिन बाद   अब संत पूरी ने  चुनाव लडऩे से इंकार करते हुए यु टर्न ले लिया और अपने पैर पीछे कर लिए है। रविवार को भाजपा के संभागीय चुनाव कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में संत अवधेशपुरी ने भाजपा को समर्थन देने और चुनाव नही लड़ने की बात कही। जब मीडिया ने सवाल किए संत जवाब नहीं दे पाए और उठकर चलते बने।

संत अवधेशपुरी महाराज ने 25 अक्टूबर को भाजपा पर संतों की चुनाव में उपेक्षा करने और भाजपा प्रत्याशी पर भी सिहंस्थ की जमीन, शिप्रा शुद्धिकरण और महाकाल मंदिर को लेकर आरोप लगाते हुए दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लडऩे की घोषणा की थी। बीजेपी पर आरोप लगाने वाले संत रविवार को आयोजित हुई प्रेस कांफ्रेंस में उच्च शिक्षा मंत्री व भाजपा के प्रत्याशी डॉ. मोहन यादव के साथ मंच साझा करते नजर आए।

संत अवधेशपुरी ने कहा कि उनका चुनाव लड़ने का निर्णय पार्टी की नीति को लेकर था, जो मुद्दे उन्होंने उठाए थे उस पर चर्चा हो चुकी है। अब वह निर्दलीय चुनाव नहीं लड़ेंगे बीजेपी के साथ है। भाजपा के साथ रहेंगे। संत अवधेशपुरी महाराज के इतना कहना था कि मीडिया ने कई तरह के सवाल कर दिए। इस दौरान संत अवधेशपुरी महाराज किसी भी प्रश्न का जवाब नही दे पाए।

हालांकि इस दौरान उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव ने संत अवधेश पुरी महाराज का बचाव करते हुए कहा कि संत को जो कहना था, उन्होंने बता दिया है उनकी बातों का सम्मान करते हुए अमल किया जाएगा।

मीडिया के बढ़ते दबाव के बाद एक स्थिति यह बनी कि संत अवधेश पुरी महाराज को तत्काल प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थल से बाहर ले जाया गया उन्होंने मीडिया से कहा था कि वह किसी भी कीमत में निर्दलीय चुनाव लड़ने से पीछे नहीं हटेंगे, लेकिन रविवार को अचानक चुनाव नहीं लड़ने के लिए पैर पीछे खींच लिए।

Related posts

एमपी में विदेशी निवेशको को लाने विदेश जा रहे सीएम डॉ मोहन यादव : आज से 30 नवम्बर तक जर्मनी और लन्दन दौरे पर

Jansamvad Express Digital

विधायक ,पूर्व विधायक , पूर्व सांसदों को लेकर तैयार हुई प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारणी : कार्यकर्ताओ को नहीं मिला प्रदेश टीम में अवसर

Jansamvad Express Digital

अमेठी में स्मृति इरानी की करारी हार , दोपहर तक 60 हजार वोटो से पीछे स्मृति

Leave a Comment