Jan Samvad Express Digital
Breaking News
Image default
Breaking Newsइंदौरइंदौर संभागमध्यप्रदेशराजनीतिराज्यराष्ट्रीय

इंदौर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने हुई सुनवाई: ई-रिक्शा पॉलिसी समेत कई सुझाव मिले; कोर्ट ने कहा- स्वच्छता की तरह पब्लिक अवेयरनेस कीजिए

मध्य प्रदेश || इंदौर की बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर साल 2019 में उच्च न्यायालय इंदौर खंडपीठ में लगी जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। इस दौरान इंदौर नगर निगम के महापौर, याचिकाकर्ता के वकील ने कई अहम सुझाव दिए।वहीं, पुलिस कमिश्नर की तरफ से यातायात व्यवस्था को लेकर की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी। कोर्ट ने भी कई सवाल किए। साथ ही कहा कि इंदौर में जिस प्रकार स्वच्छता को लेकर अवेयरनेस की है, ट्रैफिक को लेकर पब्लिक अवेयरनेस कीजिए।

पैरवी के दौरान इंदौर जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर आशीष सिंह, पुलिस प्रशासन की ओर से पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह और नगर निगम की ओर से आयुक्त शिवम वर्मा भी न्यायालय में उपस्थित रहे। सवा घंटे चली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने फैसला रिजर्व फॉर ऑर्डर कर दिया।

पहले जानिए महापौर ने क्या सुझाव दिए

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अधिवक्ता के रूप में न्यायमूर्ति विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति बिनोद कुमार द्विवेदी की डिवीजन बेंच के समक्ष प्रस्तुत होकर पक्ष रखा। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने शहर की यातायात व्यवस्था से जुड़े मामलों में महापौर पुष्यमित्र भार्गव को न्याय मित्र (Amicus Curiae) नियुक्त किया है।

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया-
महापौर ने यह भी कहा कि यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए कुछ कठोर निर्णय लेने की आवश्यकता है, जिन्हें सरकार और प्रशासन मिलकर जल्द लागू करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि ई-चालान और ट्रैफिक रेगुलेशन को लेकर उच्च न्यायालय द्वारा भी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए जाएंगे।

Related posts

बडनगर के कुलावदा में किसके इशारे पर हो रहा अवैध खनन

Jansamvad Express Digital

भाजपा नेता के भाई ने की संत के साथ मारपीट : मन्त्र नहीं सुनाने पर उतरवाई लंगोट , संत ने लगाए आरोप

Jansamvad Express Digital

लोकसभा चुनाव परिणाम के एक दिन पहले चुनाव आयोग की प्रेस वार्ता

Leave a Comment