नई दिल्ली: देश में बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से निपटने के लिए मोदी सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की है कि गृह मंत्रालय (MHA) के तहत काम करने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने एक नई ‘ई-जीरो एफआईआर’ (e-Zero FIR) पहल की शुरुआत की है। इस डिजिटल व्यवस्था के जरिए अब साइबर अपराधियों को अभूतपूर्व गति (Unprecedented Speed) से पकड़ा जा सकेगा।
The MHA’s Indian Cybercrime Coordination Centre (I4C) introduced the new e-Zero FIR initiative to nab any criminal with unprecedented speed. Launched as a pilot project for Delhi, the new system will automatically convert cyber financial crimes filed at NCRP or 1930 to FIRs,…
— Amit Shah (@AmitShah) May 19, 2025
क्या है ‘ई-जीरो एफआईआर’ (e-Zero FIR)?
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- बिना अधिकार क्षेत्र की बाध्यता: पीड़ित देश के किसी भी राज्य या थाने के अधिकार क्षेत्र की परवाह किए बिना तुरंत ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करा सकते हैं।
- तुरंत एक्शन: शिकायत मिलते ही इसे बिना किसी देरी के संबंधित पुलिस स्टेशन को ट्रांसफर कर दिया जाता है, जिससे जांच तुरंत शुरू हो जाती है।
- डिजिटल माध्यम: इसके लिए पीड़ित को तुरंत थाने जाने की जरूरत नहीं है, वे डिजिटल रूप से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
अपराधियों पर कसेगा त्वरित शिकंजा
गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार, साइबर अपराधों में ‘गोल्डन ऑवर’ (अपराध के तुरंत बाद का समय) बेहद महत्वपूर्ण होता है। ‘ई-जीरो एफआईआर’ के आने से:
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- पुलिस और वित्तीय एजेंसियां ठगी गई राशि को बैंक खातों में ब्लॉक करने के लिए तेजी से काम कर पाएंगी।
- डिजिटल सबूतों को नष्ट होने से पहले सुरक्षित किया जा सकेगा।
- अंतर-राज्यीय (Inter-State) साइबर गैंग्स को पकड़ने में राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय बेहतर होगा।
सुरक्षित डिजिटल भारत का संकल्प
यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सुरक्षित डिजिटल भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। I4C का यह नया टूल न केवल आम जनता के पैसों को सुरक्षित रखेगा, बल्कि अपराधियों के मन में कानून का डर भी पैदा करेगा।
