भोपाल। मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार ने आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए एक और बड़ा फैसला लिया है। राज्य में अब दूध से बने असली पनीर की जगह धड़ल्ले से बेचे जा रहे ‘एनालॉग पनीर’ (कृत्रिम पनीर) पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (FSDA) के अधिकारियों को इसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सरकार के इस कदम से आगामी त्योहारों से ठीक पहले मिलावटी पनीर का कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है।
लोक स्वास्थ्य मंत्री ने भी दी पुष्टि
इस बड़े फैसले को लेकर मध्यप्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने भी पुष्टि की है। उन्होंने इंदौर में एक बयान जारी करते हुए कहा कि नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में जल्द से जल्द एनालॉग पनीर को पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। इसके साथ ही, अन्य राज्यों से मध्यप्रदेश में होने वाली इसकी अवैध डंपिंग को रोकने के लिए सीमाओं पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
क्या होता है ‘एनालॉग पनीर’ और यह क्यों है खतरनाक?
दरअसल, एनालॉग पनीर दिखने में हूबहू असली डेयरी पनीर जैसा ही होता है, जिसके कारण आम उपभोक्ताओं के लिए असली और नकली में फर्क करना नामुमकिन हो जाता है।
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कैसे बनता है: यह दूध से नहीं, बल्कि वनस्पति वसा (Vegetable Fat), पाम ऑयल (Palm Oil), स्टार्च और रसायनों को मिलाकर तैयार किया जाता है। -
क्यों बिकता है: असली पनीर की तुलना में इसकी उत्पादन लागत बेहद कम होती है, जिससे मुनाफाखोर इसे असली बताकर बाजार में सस्ते दामों पर बेचते हैं। -
सेहत को नुकसान: डॉक्टरों और खाद्य विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबे समय तक पाम ऑयल और केमिकल युक्त इस कृत्रिम पनीर का सेवन करने से दिल की बीमारियां, हाई कोलेस्ट्रॉल, लिवर और पाचन तंत्र से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
दूसरे राज्यों की तर्ज पर MP में भी कड़े नियम
गौरतलब है कि इससे पहले गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य भी अपने यहां एनालॉग पनीर और कृत्रिम डेयरी उत्पादों पर कड़े प्रतिबंध या नियम लागू कर चुके हैं। अब इसी कड़ी में मध्यप्रदेश सरकार ने भी राज्य के भीतर इसकी बिक्री, भंडारण और निर्माण पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए कानूनी रूपरेखा तैयार कर ली है।
लैब टेस्टिंग और जांच अभियान तेज
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद पूरे मध्यप्रदेश में खाद्य पदार्थों की जांच के लिए एक विशेष महा-अभियान चलाया जा रहा है। भोपाल और इंदौर में स्थापित स्टेट फूड टेस्टिंग लैब को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि संदिग्ध पनीर के सैंपलों की तुरंत जांच कर दोषियों के खिलाफ रासुका (NSAI) और खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जा सके।


