उज्जैन, 27 सितंबर। अब्दालपुरा की जिस गली में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बचपन बिताया, जिस मकान नंबर 180 में उनकी यादें बसी हैं, आज उसी मकान पर उन्होंने खुद गेंती चला दी। गेंती का पहला वार करते ही मुख्यमंत्री भावुक हो गए, उनकी आंखें भर आईं।
सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन में चल रहे सड़क चौड़ीकरण अभियान के तहत शनिवार सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री अब्दालपुरा पहुंचे। पूजन के बाद जैसे ही उन्होंने अपने हाथों से अपने पैतृक मकान की दीवार पर गेंती मारी, वहां मौजूद लोगों ने देखा कि मुख्यमंत्री की आंखें नम हो गईं। कुछ पल के लिए वे मकान को निहारते रहे।
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मकान से उनका भावनात्मक जुड़ाव है, लेकिन उज्जैन के विकास और सिंहस्थ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दिल पर पत्थर रखना पड़ता है। उनका मकान टूटेगा तो शहर का रास्ता चौड़ा होगा, यही असली विकास है।
उल्लेखनीय है कि अब्दालपुरा में खजूर वाली मस्जिद से जीवाजीगंज थाने तक सड़क 32 फीट चौड़ी की जा रही है। इस मार्ग पर हिंदू, मुस्लिम और बोहरा समुदाय के 272 मकान आ रहे हैं। मुख्यमंत्री के इस कदम के बाद सभी समुदाय के लोग बिना विरोध के अपने मकान चौड़ीकरण के लिए देने को तैयार हो गए हैं। मुख्यमंत्री की बहन और नगर निगम सभापति कलावती यादव का मकान भी इसी जद में है।
इस अवसर पर संभागायुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन
कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।


