इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के मुख्य ट्रस्टी जुफर फारूकी ने कहा, ‘मस्जिद का अंतिम डिजाइन फरवरी के मध्य तक तैयार होने की संभावना है और फिर इसे प्रशासनिक मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. साइट कार्यालय फरवरी में परिसर में स्थापित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रस्तावित डिजाइन में बदलाव की वजह से यह देरी हुई
राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के बाद अयोध्या में प्रस्तावित मस्जिद का निर्माण अगले साल मई में शुरू हो सकता है. परियोजना से जुड़े लोगों ने कहा है कि इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट (जिसे अयोध्या के धन्नीपुर में मस्जिद के निर्माण का काम सौंपा गया है) धन जुटाने के लिए फरवरी से विभिन्न राज्यों में प्रभारी की नियुक्ति की जा सकती है.
इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के मुख्य ट्रस्टी जुफर फारूकी ने कहा, ‘मस्जिद का अंतिम डिजाइन फरवरी के मध्य तक तैयार होने की संभावना है और फिर इसे प्रशासनिक मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. साइट कार्यालय फरवरी में परिसर में स्थापित किया जाएगा.’ उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष फारूकी ने कहा, ‘उम्मीद है कि हम अगले साल मई में मस्जिद का निर्माण शुरू करने की स्थिति में होंगे
फारूकी ने कहा कि मस्जिद के डिजाइन में बदलाव किए जाने और वित्तीय बाधाओं के बाद नई औपचारिकताओं के कारण मस्जिद के निर्माण में देरी हो रही है|


