उज्जैन | देवास रोड स्थित एक निजी कालोनी के खाली पड़े परिसर में पिछले तीन दिन से मोटिवेशन वक्ता जया किशोरी की श्री मद भागवत कथा का आयोजन चल रहा है , 19 नवम्बर से 25 नवम्बर तक कथा का आयोजन चलना है , आज कथा का चोथा दिन है |पहले ही दिन से कथा में धार्मिक आस्था से जुड़े श्रधालुओ की कमी नजर आई जिसको लेकर खुद आयोजक ने मीडिया के माध्यम से शहर के लोगो को कथा में आने का आग्रह और अपील भी की लेकिन तीन दिन तक भीड़ का टोटा बना रहा , मंच के पास बने VIP डोम में कुर्सिया खाली पड़ी नजर आई , जबकि डॉम के पीछे बने एक अन्य पंडाल में आसपास के इलाको से एकत्रिक की गई भीड़ को बैठाया गया और उसके पीछे बने एक और पंडाल तो पूर्ण रूप से पहले ही दिन से खाली ही पडा है |
भीड़ की कमी दर्शाती है की कथा के क्षेत्र में अपना नाम ज़माने वाले कथा वाचको में पंडित प्रदीप मिश्रा कुबेश्वर धाम और धीरेन्द्र शास्त्री वाघेस्वर धाम के सामने मोटिवेशन वक्ता जया किशोरी की लोकप्रियता उज्जैन में कम नजर आ रही है |

जबकि इसके पहले उज्जैन में सीहोर वाले पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा का भी आयोजन हुआ था जिसमे भीड़ की संख्या ने उनकी लोकप्रियता को दर्शाया था |व्यवस्थाओ में लगे प्रशासनिक अमले की भी आयोजन समाप्त होने तक सांसे फूली हुई थी की कही कोई अनहोनी ना हो जाए |

कथा स्थल पर पत्रकारों का सम्मान नहीं
आयोजक ने भलेही विज्ञापन के दम पर शहर की मीडिया को खुश कर दिया लेकिन कार्यक्रम स्थल पर पत्रकारों के सम्मान का ध्यान रखना ही भूल गए , कार्यक्रम स्थल पर पत्रकारों के बैठने के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं की गई है , जबकि अक्सर बड़े कार्यक्रमों में पत्रकारों के लिए एक विशेष दीर्घा बनाई जाती है उनके बैठने के साथ साथ स्वल्प आहार की भी व्यवस्था होती है , जबकि जया किशोरी की कथा करवाने वाले आयोजक पत्रकारों के सम्मान का ध्यान रखना ही भूल गए |जबकिकार्यक्रम में भीड़ की संख्या कम होने के चलते ना सिर्फ कुर्सिया खाली रहती है बल्कि पीछे के तो पंडाल ही खाली पढ़े है |
कार्यक्रम में ड्यूटी दे रहे पुलिस कर्मियों का भी मान नहीं
09 नवम्बर से शुरू हुई मोटिवेशन वक्ता जया किशोरी की कथा स्थल पर नागझिरी थाना पुलिस का बल लगा हुआ है , लेकिन वह ड्यूटी कर रहे पुलिस कर्मियों के मान का भी आयोजक द्वारा ध्यान नहीं रखा गया , कार्यक्रम स्थल पर ड्यूटी कर रहे एक पुलिस कर्मी ने हमे बताया की सुबह 10 बजे से मोके पर व्यवस्थाओ को सँभालने के लिए आ जाते है और शाम को कथा समाप्त होने तक बल मोजूद रहता है लेकिन आयोजक द्वारा खाने तक का नहीं पूछा जाता है |
नागझिरी थाने के एक पुलिस अधिकारी ने बताया की उन्होंने दिन भर से खाना ही नहीं खाया है बावजूद इसके ड्यूटी कर रहे है अब घर जाने के बाद ही भोजन नसीब होगा वही आयोजक की व्यवस्था देखने वाले पूछने भी नहीं आते है |\
इनका कहना _
कार्यक्रम की सुचना शहर के लोगो तक नहीं पहुच सकी है इसलिए भीड़ कम है लोगो से अपील है की वह ज्यादा से ज्यादा संख्या में कथा में आए और कथा का लाभ ले
_ राकेश अग्रवाल आयोजक
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