उज्जैन/आगर-मालवा || : मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त संगठन का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में आज लोकायुक्त संभाग उज्जैन की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए आगर-मालवा जिले के बड़ौद तहसील में एक रिश्वतखोर पटवारी को रंगे हाथों दबोचा है।
यह कार्यवाही लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख के सख्त निर्देशों और उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के प्रभावी मार्गदर्शन में उप पुलिस अधीक्षक व उनकी टीम द्वारा संपादित की गई।
मामले का संक्षिप्त विवरण
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- आरोपी का नाम व पद: राजकुमार चौहान, पटवारी (हल्का नंबर 8, ग्राम झलारा, तहसील बड़ौद, जिला आगर-मालवा)
- आवेदक (शिकायतकर्ता): श्री पालसिंह परिहार पिता श्री श्याम सिंह (निवासी ग्राम झलारा, तहसील बड़ौद)
- ट्रैप की तारीख: 04 जून 2026
- कुल रिश्वत की मांग: 25,000/- रुपये
- आज पकड़ी गई राशि: 5,000/- रुपये (15,000/- रुपये आरोपी पहले ही ले चुका था)
कृषि भूमि के सीमांकन के बदले मांगी थी रिश्वत
शिकायत के अनुसार, आवेदक पालसिंह परिहार की कृषि भूमि का सीमांकन (नापजोख) करने के एवज में आरोपी पटवारी राजकुमार चौहान द्वारा 25,000 रुपये की मोटी रिश्वत की मांग की गई थी। इसमें से पटवारी 15,000 रुपये पहले ही वसूल चुका था।
बचे हुए पैसों में से जैसे ही आवेदक ने आज 5,000 रुपये की अगली किस्त तहसील कार्यालय बड़ौद के पटवारी कक्ष में पटवारी को सौंपी, वैसे ही पहले से घात लगाकर बैठी लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। रासायनिक घोल से हाथ धुलवाते ही आरोपी पटवारी की उंगलियां गुलाबी हो गईं।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त टीम ने आरोपी पटवारी के विरुद्ध धारा-7 भ्रष्टाचार निवारण (संशोधित) अधिनियम 2018 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया है। मौके पर लोकायुक्त की टीम द्वारा वैधानिक कार्यवाही और पंचनामा तैयार करने का काम किया जा रहा है।

