कोलकाता || तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने सोमवार, 8 जून 2026 को राज्यसभा की सदस्य ता और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने सुबह करीब 10:30 बजे दिल्ली में उपराष्ट्रपति (राज्यसभा सभापति) को अपना इस्तीफा सौंपा. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार और आरजी कर अस्पताल मामले को लेकर उपजे आंतरिक असंतोष के बीच इसे ममता बनर्जी के लिए एक बहुत बड़ा संसदीय झटका माना जा रहा
अचानक इस्तीफे से राजनीतिक गलियारों में हड़कंप
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सबसे वरिष्ठ चेहरों में से एक और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने सोमवार सुबह अचानक अपने पदों से इस्तीफा देकर पूरी भारतीय राजनीति में खलबली मचा दी है। सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे जब वह दिल्ली में उपराष्ट्रपति के पास अपना इस्तीफा सौंपने पहुंचे, तो किसी को भनक तक नहीं थी कि बंगाल की राजनीति में इतना बड़ा धमाका होने वाला है। उन्होंने न सिर्फ राज्यसभा छोड़ी, बल्कि टीएमसी की प्राथमिक सदस्यता से भी नाता तोड़ लिया।
क्या बिखरने वाली है ममता बनर्जी की पार्टी?
इस्तीफा देने के तुरंत बाद मीडिया के सामने आए सुखेंदु शेखर राय के तेवर बेहद आक्रामक थे। उन्होंने पार्टी के कामकाज, भ्रष्टाचार और तानाशाही रवैये पर खुलकर गुस्सा जाहिर किया। राय का यह कदम ऐसे समय में आया है जब बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी के भीतर पहले से ही असंतोष की आग सुलग रही है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि सुखेंदु का जाना टीएमसी में एक बहुत बड़ी टूट की शुरुआत हो सकता है, जिससे ममता बनर्जी का किला ढहने की कगार पर पहुंच गया है।
अगला कदम क्या? अटकलों का बाजार गर्म
करीब 59 साल का लंबा राजनीतिक अनुभव रखने वाले सुखेंदु शेखर राय का अगला कदम क्या होगा? इस सवाल ने इस वक्त देश की राजनीति में सबसे बड़ा सस्पेंस पैदा कर दिया है।
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क्या वह भाजपा (BJP) का दामन थामेंगे?क्या वह बंगाल में टीएमसी के बागी विधायकों और सांसदों के नए गुट की कमान संभालेंगे?या फिर वह सक्रिय राजनीति से संन्यास लेकर पर्दे के पीछे से कोई बड़ा खेल करेंगे?
इन सभी सवालों पर सुखेंदु शेखर राय ने फिलहाल रहस्यमयी चुप्पी साध रखी है और सिर्फ इतना कहा है कि वह “वक्त आने पर अपनी रणनीति का खुलासा करेंगे।”
