शिलांग: केंद्रीय गृह मंत्री और उत्तर पूर्वी परिषद (NEC) के अध्यक्ष अमित शाह आज (4 जून 2026) मेघालय की राजधानी शिलांग के स्टेट कन्वेंशन सेंटर में परिषद के 73वें पूर्ण सत्र (Plenary Session) की अध्यक्षता करेंगे। इस उच्च स्तरीय बैठक में पूर्वोत्तर राज्यों के विकास, सुरक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़ी प्रगति की व्यापक समीक्षा की जाएगी।
बैठक की मुख्य विशेषताएं और एजेंडा:
- विकास योजनाओं की समीक्षा: बैठक में क्षेत्र के विकास से जुड़े विभिन्न अहम मुद्दों और जारी परियोजनाओं की प्रगति को परखा जाएगा।
- इन प्रमुख क्षेत्रों पर रहेगा फोकस: पर्यटन, कृषि एवं बागवानी, निवेश प्रोत्साहन, खेल, बुनियादी ढांचा, कनेक्टिविटी (संपर्क सुविधा) और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में तेजी लाने पर विशेष चर्चा होगी।
- दूध, अंडा, मछली और मांस में आत्मनिर्भरता: पूर्वोत्तर राज्यों को इन खाद्य उत्पादों में आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्रियों की हाई-लेवल टास्क फोर्स की रिपोर्ट पर मंथन किया जाएगा।
- ‘नॉर्थ ईस्ट विजन प्लान-2047’: भारत की आजादी के शताब्दी वर्ष (2047) तक पूर्वोत्तर क्षेत्र को आर्थिक विकास, नवाचार, कनेक्टिविटी और सांस्कृतिक समृद्धि का एक जीवंत केंद्र बनाने के लिए दीर्घकालिक रोडमैप पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
कौन-कौन रहेगा उपस्थित?
इस महत्वपूर्ण सत्र में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (DoNER) मंत्री और एनईसी के उपाध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया, राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार, पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों के माननीय राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उत्तर पूर्वी परिषद के सदस्य और केंद्र व राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
इससे पहले 3 जून को अधिकारियों के स्तर पर एक पूर्व-पूर्ण (Pre-Plenary) बैठक भी आयोजित की गई थी, जिसमें बांस, अगरवुड और ‘अष्टलक्ष्मी दर्शन’ जैसी प्रमुख पहलों के साथ-साथ अंतर-राज्यीय सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की गई थी।
