उज्जैन:पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Kuwait International Airport) पर हुए एक भीषण ड्रोन और मिसाइल हमले ने मध्य प्रदेश के उज्जैन में रह रहे एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया है। कुवैत एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर हुए इस हमले में उज्जैन की राज रॉयल कॉलोनी निवासी 50 वर्षीय मंजूर अहमद (उर्फ शेरू भाई) की दर्दनाक मौत हो गई है। वे भारत लौटने के लिए हवाई अड्डे पर अपनी फ्लाइट का इंतजार कर रहे थे, तभी यह विनाशकारी हमला हुआ।
आखिरी फोन कॉल बना कभी न मिटने वाला दर्द
मंजूर अहमद पिछले करीब 30 सालों से कुवैत में रहकर टेलरिंग (दर्जी) का काम करते थे और अपने परिवार के एकमात्र सहारा थे। 8 जून को उनके परिवार (भांजे/भांजी) में शादी थी, जिसमें शामिल होने के लिए वे बहुत उत्साहित थे। मंगलवार शाम को उन्होंने अपने पिता और बेटे से फोन पर आखिरी बार बात की थी। उन्होंने बेहद खुशी के साथ कहा था— “मैं कुवैत से मुंबई पहुंच रहा हूँ, वहाँ से नागदा वाली ट्रेन से आऊंगा, मुझे स्टेशन लेने आ जाना”। परिवार नागदा स्टेशन पर उनका स्वागत करने की तैयारी कर रहा था, लेकिन बुधवार सुबह उनकी मौत की खबर ने घर की खुशियों को मातम में बदल दिया।
30 साल की मेहनत और परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मंजूर अहमद के परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है, जो अभी पढ़ाई कर रहे हैं। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए उन्होंने अपनी जिंदगी के तीन दशक परदेस में कड़ी मेहनत करते हुए गुजार दिए। आखिरी बार वे अक्टूबर 2025 में घर आए थे और वादा करके गए थे कि अब वे जल्दी-जल्दी भारत आया करेंगे।
भारत सरकार ने की हमले की निंदा, पार्थिव शरीर लाने के प्रयास जारी
कुवैत स्थित भारतीय दूतावास ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। भारत सरकार और विदेश मंत्रालय ने नागरिक बुनियादी ढांचों को निशाना बनाकर किए गए इस हमले की कड़ी निंदा की है। प्रशासनिक स्तर पर मंजूर अहमद के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द विशेष विमान के जरिए भारत (अहमदाबाद एयरपोर्ट और फिर वहां से सड़क मार्ग द्वारा उज्जैन) लाने की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। इस दुखद खबर से न केवल पीड़ित परिवार, बल्कि पूरी राज रॉयल कॉलोनी और उज्जैन क्षेत्र गहरे सदमे में है। [, 2, 3, 4]

