विशेष संवाददाता, नई दिल्ली || देश की राजधानी दिल्ली का राजनीतिक और सामाजिक पारा आज उस समय चरम पर पहुंच गया, जब हाल ही में सोशल मीडिया पर तेजी से उभरी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने परीक्षाओं में कथित धांधली, NEET पेपर लीक और CBSE रिजल्ट विवाद को लेकर जंतर-मंतर पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. अमेरिका के बोस्टन से सुबह दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरते ही पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सीधे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर डाली.

हवाई अड्डे से जंतर-मंतर तक भारी सुरक्षा बल तैनात
अभिजीत दिपके को मिली कथित धमकियों और सुरक्षा कारणों के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया था. पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों की भारी तैनाती के बीच, चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी रखी जा रही थी. दिल्ली पुलिस ने सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक प्रदर्शन की अनुमति दी थी
अभिजीत दिपके का सीधा अल्टीमेटम
प्रदर्शनकारियों और छात्रों को संबोधित करते हुए अभिजीत दिपके ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया. उन्होंने सरकार को स्पष्ट अल्टीमेटम देते हुए कहा कि देश के लाखों युवाओं का भविष्य अंधकार में डाल दिया गया है और जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं दे देते, यह जवाबदेही की लड़ाई थमेगी नहीं. दिपके ने कहा, “हम भले ही कीड़े-मकोड़े (कॉकरोच) समझे जाएं, लेकिन हमें दबाया या कुचला नहीं जा सकता, हम अपना लोकतांत्रिक अधिकार जानते हैं।”
मानद कॉकरोच’ बनकर पहुंचे सोनम वांगचुक
इस पूरे आंदोलन को उस समय और बड़ी ताकत मिली जब विख्यात पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक खुद युवाओं का हौसला बढ़ाने मंच पर पहुंचे. वांगचुक ने महात्मा गांधी के सत्याग्रह और शांतिपूर्ण आंदोलन के सिद्धांतों को दोहराते हुए युवाओं का समर्थन किया. उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए एक बड़ा ऐलान भी किया कि यदि अभिजीत दिपके को गिरफ्तार किया जाता है, तो वह छह सप्ताह के उपवास पर बैठ जाएंगे

