Jan Samvad Express Digital
Breaking News
Image default
Breaking Newsअंतरराष्ट्रीयउज्जैनउज्जैन संभागधर्ममध्यप्रदेशराज्यराष्ट्रीय

देश में सबसे पहले महाकाल मंदिर में मनाई होली:भस्मारती में उड़ा हर्बल गुलाल, चंद्र ग्रहण के कारण बदला भोग का नियम; खुले रहेंगे पट

उज्जैन || श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार को होली का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। तड़के 4 बजे भस्मारती के दौरान बाबा महाकाल के साथ पुजारी-पुरोहितों ने हर्बल गुलाल से होली खेली। भगवान शिव के परिवार माता पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय को भी गुलाल अर्पित किया गया। भगवान महाकाल का हरि ओम जल से अभिषेक करने के बाद दूध, दही, घी, शकर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया। नंदी जी का स्नान, ध्यान और पूजन हुआ। भगवान महाकाल ने शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला व सुगंधित पुष्पों से बनी माला धारण की। भांग, फल और मिठाई का भोग लगाया गया।धुलेंडी पर्व पर चंद्र ग्रहण होने के कारण महाकाल मंदिर में भस्मारती से लेकर शाम को ग्रहण समाप्त होने तक पट बंद नहीं किए जाएंगे। इस दौरान श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। हालांकि, सुबह भगवान को नियमित भोग नहीं लगाया जाएगा। ग्रहण समाप्ति के बाद मंदिर का शुद्धिकरण किया जाएगा। इसके बाद ही भगवान को भोग अर्पित किया जाएगा।

शासकीय पुजारी पं. घनश्याम शर्मा ने बताया कि शाम 6:32 से 6:46 बजे तक रहने वाले 14 मिनट के इस ग्रहण का वेध काल सूर्योदय से ही प्रारंभ हो जाएगा। वेध काल के कारण सुबह की दद्योदक और भोग आरती में भगवान को केवल शकर का भोग अर्पित किया जाएगा।

Related posts

श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाकाल को तिल से बना उबटन लगाकर गर्म जल से स्नान कराया

विजया किशोर रहाटकर होंगी राष्ट्रिय महिला आयोग की अध्यक्ष :रेखा शर्मा की जगह लेंगी

Jansamvad Express Digital

PM मोदी ने आदि कैलाश के दर्शन किए

Leave a Comment