नई दिल्ली || अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान अपने एनरिच्ड (संवर्धित) यूरेनियम का भंडार अमेरिका को सौंपने के लिए तैयार हो गया है। अमेरिका का मानना है कि इसका इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में हो सकता है। उन्होंने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से यह भी कहा कि दोनों देश शांति समझौते के काफी करीब हैं। उन्होंने कहा कि बातचीत अच्छी चल रही है और समझौते की संभावना काफी ज्यादा है। ट्रम्प ने कहा कि अगर यह डील हो जाती है तो तेल की सप्लाई शुरू हो जाएगी, होर्मुज स्ट्रेट खुला रहेगा और हालात सामान्य हो जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर समझौता इस्लामाबाद में होता है तो मैं पाकिस्तान की यात्रा भी कर सकता हूं।
हालांकि ईरानी मीडिया ने ट्रम्प के दावे को गलत बताया है और कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति हवाई किले बना रहे हैं।
वहीं इजराइल और लेबनान 10 दिन के सीजफायर पर राजी हो गए हैं। यह युद्धविराम भारतीय समयानुसार गुरुवार देर रात 3:30 बजे से लागू हो गया है।ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत की, जिसके बाद यह सहमति बनी।
यूरेनियम एक ऐसा पदार्थ है, जिससे परमाणु ऊर्जा भी बनाई जा सकती है और परमाणु बम भी। फर्क सिर्फ इस बात से पड़ता है कि उसे कितना एनरिच यानी शुद्ध किया गया है। प्राकृतिक यूरेनियम में काम का हिस्सा बहुत कम होता है, इसलिए उसे मशीनों (सेंट्रीफ्यूज) के जरिए स्टेप बाय स्टेप शुद्ध किया जाता है। इसी प्रक्रिया को ‘यूरेनियम एनरिचमेंट’ कहते हैं।
अंतरराष्ट्रीय एजेंसी IAEA की रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के पास कुल मिलाकर करीब 5 से 6 टन के बीच एनरिच्ड यूरेनियम मौजूद है। हालांकि, यह इतना एनरिच्ड नहीं है कि इससे परमाणु हथियार बन सकें। अभी 120 से 130 किलोग्राम के आसपास 60% तक एनरिच्ड किया जा चुका है। अगर यह एनरिच्डमेंट 90% तक कर लिया गया तो इससे परमाणु हथियार बनाया जा सकते हैं। इसलिए अमेरिका और इजराइल, ईरान पर परमाणु कार्यक्रम सीमित करने और एनरिच्ड यूरेनियम सौंपने का दबाव बनाते रहे हैं।


