Jan Samvad Express
Breaking News
Breaking Newsअंतरराष्ट्रीयमध्यप्रदेशराज्यराष्ट्रीय

चौरई गड्ढे रहित हाइवे का संकल्प , मरम्मत में होगा इको फिक्स तकनीक का इस्तेमाल : एनएचएआई का प्रयास जारी,जल्द ही भर दिए जाएंगे गड्ढे

चौरई : विगत दिनों से अथक प्रयासों में लगा विभाग अब परियोजना निदेशक आकृति गुप्ता के निर्देशन में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़कों के गड्ढों की मरम्मत के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल करेगा। इस नई तकनीक से वाहन मरम्मत कार्य पूरा होने के कुछ ही मिनटों के भीतर सड़कों के मरम्मत किए गए हिस्सों से गुजर सकेंगे ,इस मटेरियल में स्टील और लोहे के स्लैग जैसे औद्योगिक अपशिष्ट पदार्थों का उपयोग किया गया है।इसका उपयोग बिना किसी जल निकासी की आवश्यकता के जलभराव वाले गड्ढों की मरम्मत के लिए किया जा सकता है। खासकर बरसात के मौसम में, हॉट-मिक्स प्लांट का संचालन नहीं किया जा सकता। बरसात के मौसम में सड़कों की मरम्मत के लिए इको-फिक्स तकनीक एक वरदान साबित होगी। केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई), नई दिल्ली ने भी मानसून के दौरान उपयोग के लिए इस सामग्री को मंजूरी दे दी है।

सड़कों पर गड्ढे आमतौर पर बरसात के मौसम में बनते हैं और इनका आकार बढ़ता ही जाता है। बारिश के दौरान गड्ढों की मरम्मत के लिए कोई तकनीक उपलब्ध नहीं है। गड्ढों की मरम्मत की मौजूदा व्यवस्था के अनुसार, किसी भी मरम्मत कार्य से पहले उन्हें सुखाना आवश्यक है। लेकिन इको-फिक्स से तुरंत मरम्मत संभव हो सकेगी। इको-फिक्स से वायु प्रदूषण कम होगा, जो गर्म संयंत्रों के संचालन से उत्पन्न होता है। चूँकि इको-फिक्स का उपयोग किसी भी एग्रीगेट सामग्री और बिटुमेन को गर्म किए बिना किया जाता है, इसलिए यह नियमित सड़क रखरखाव गतिविधियों के कारण वातावरण में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को भी काफी कम करता है।

 

 

 

परियोजना निदेशक के निर्देशन में सड़कों को यातायात योग्य स्थिति में बनाए रखने और 24-48 घंटों में गड्ढों को भरने के उद्देश्य से, पीडी पीआईयू छिंदवाड़ा ने इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जो पिछले मानसून सीजन की तुलना में अब तक के प्रदर्शन को दर्शाता है। टीम सक्रिय रूप से काम कर रही हैं, समय-समय पर साइट का निरीक्षण कर रही हैं और तुरंत सुधारात्मक उपाय कर रही हैं।ये उपाय सड़कों के रखरखाव के लिए अस्थायी उपाय हैं, हालाँकि मानसून के बाद, स्थायी ओवरलेइंग किया जायेगा।

सफर करने वालो के साथ न हो किसी प्रकार का हादसा: आकृति गुप्ता

परियोजना निर्देशक ने ठेकेदार को निर्देशित किया है कि सड़क के गड्ढों की मरम्मत का कार्य करते वक्त हाइवे में सफर कर रहे यात्रियों के साथ किसी भी प्रकार का हादसा न हो इस लिए सभी जगह संकेत भी रखे जा रहे है ताकि वाहन चालक को दूर से ही चल रहे कार्य की जानकारी मिल जाएं

Related posts

हिमाचल में बारिश की चपेट में आए  5 पुल , बादल फटने से  बहे: राज्य में अब तक 75 की मौत;  मध्य प्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम

jansamvadexpress

तो सफेद पाउडर से थी दिल्‍ली को दहलाने की साजिश? : दिल्ली के रोहिणी में CRPF स्कूल के पास ब्लास्ट

jansamvadexpress

एमपी के 32वें DGP होंगे कैलाश मकवाना : महाकाल लोक भ्रष्ट्राचार की जाँच करने वाले मकवाना अब प्रदेश के DGP

jansamvadexpress

Leave a Comment

Please enter an Access Token