बुरहानपुर | दशलक्षण महापर्व के पावन अवसर पर परम पूज्य मुनि श्री 108 कुन्थुसागर जी महाराज के सानिध्य में धार्मिक शिविर का शुभारंभ प्रथम दिन किया गया।
शिविर के शुभारंभ के पश्चात श्रीजी के अभिषेक का सौभाग्य सर्वप्रथम अशोक कुमार ठोलिया, जम्बू कुमार पहाड़िया, दर्शन ठोलिया को प्राप्त हुआ। तीनों वेदियों पर अभिषेक के अवसर पर समाजजनों द्वारा अभिषेक के साथ-साथ श्रीजी पर शांति धारा धर्मचंद पाटोदी, प्रकाशचंद ठोलिया, संदेश जैन, प्रकाश सेठी, वीरेन्द्र बडजात्या एवं अन्य के द्वारा की गई।
दशलक्षण महापर्व के दौरान आगामी दस दिनों तक प्रतिदिन धार्मिक शिविर में सम्मिलित सदस्यों को शांतिधारा करने का सौभाग्य प्राप्त होगा।
अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजा-पाठ के पश्चात मुनिश्री 108 कुन्थुसागर जी महाराज ने उत्तम क्षमा धर्म पर प्रवचन दिया। उन्होंने कहा कि मनुष्य को क्रोध से बचना चाहिए और क्रोध आने से पहले ही क्षमा का भाव धारण कर लेना चाहिए। क्षमा ही आत्मशुद्धि का मार्ग है और उत्तम क्षमा धर्म को सबसे बड़ा धर्म माना गया है।
मुनिश्री के प्रेरणादायी प्रवचन से उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। दशलक्षण महापर्व के आगामी दिनों में भी विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उक्त जानकारी समाज के वरिष्ठ कार्यकर्ता प्रमोद बडजात्या द्वारा दी गई।


