तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी गठबंधन के नेताओं को बुलाना उनकी नाराजगी दूर करने की कोशिश मानी जा रही है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रेवंत रेड्डी आज हैदराबाद में तेलंगाना के नए सीएम के तौर पर शपथ लेंगे। रेवंत रेड्डी के शपथ ग्रहण समारोह को कांग्रेस विपक्षी एकता का मंच बनाने की कोशिश कर रही है, इसी रणनीति के तहत कांग्रेस ने विपक्षी गठबंधन के सभी गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों को भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का न्यौता दिया है। हाल ही में विपक्षी गठबंधन के कई नेताओं ने ऐसे बयान दिए थे, जिसमें कांग्रेस की आलोचना की गई थी। साथ ही हाल ही में विपक्षी गठबंधन की बैठक भी कई शीर्ष नेताओं के ना आने से टल गई थी। अब रेवंत रेड्डी के शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी गठबंधन के नेताओं को बुलाना उनकी नाराजगी दूर करने की कोशिश मानी जा रही है।
खरगे के डिनर में शामिल हुए 17 विपक्षी पार्टियों के नेता
इसके अलावा बुधवार को मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने डिनर पर विपक्षी गठबंधन के नेताओं से मुलाकात की। नई दिल्ली में खरगे के आधिकारिक आवास पर आयोजित हुए इस डिनर कार्यक्रम में 17 राजनीतिक पार्टियों के 31 नेता शामिल हुए। इनमें डीएमके, एनसीपी, राजद, सपा, जदयू, आप, सीपीएम, सीपीआई, मुस्लिम लीग, एमडीएमके, रालोद, केरल कांग्रेस, जेएमएम, नेशनल कॉन्फ्रेंस, आरएसपी और वीसीके पार्टी शामिल हुईं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टीएमसी की तरफ से सीएम ममता बनर्जी की जगह पार्टी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन रेवंत रेड्डी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं। डीएमके सांसद डीएनवी सेंथिल कुमार ने मंगलवार को लोकसभा में आपत्तिजनक बयान दिया था, इस पर कांग्रेस नेताओं जयराम रमेश और अधीर रंजन चौधरी ने नाराजगी जताई और कहा कि ऐसे बयानों से बचा जाना चाहिए क्योंकि इनसे भाजपा को फायदा मिल सकता है। साथ ही विपक्षी नेताओं की बैठक में संसदीय रणनीति पर भी चर्चा हुई।
