भोपाल/उज्जैन/इंदौर/ आगर मालवा / देवास : मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। सोमवार दोपहर को मालवा-निमाड़ क्षेत्र के कई जिलों में अचानक घने काले बादल छा गए और तेज आंधी के साथ धूल का गुबार उठने लगा। इस दौरान उज्जैन, इंदौर, आगर-मालवा और देवास में तूफान का सबसे ज्यादा असर देखा गया। तेज हवाओं के बाद हुई झमाझम बारिश ने पिछले कई दिनों से जारी नौतपा की भीषण गर्मी को पूरी तरह शांत कर दिया है।
उज्जैन में आंधी की रफ्तार और नुकसान
- उड़ गईं घरों की चद्दरें: उज्जैन और आसपास के ग्रामीण इलाकों में तूफान इतना प्रभावी था कि कई कच्चे मकानों और दुकानों की टिन की चद्दरें हवा में उड़ गईं।
- हवा की रफ्तार: मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान हवा की रफ्तार 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा मापी गई। [1]
- धूल का गुबार: आंधी के चलते सड़कों पर विजिबिलिटी काफी कम हो गई और चारों तरफ धूल की चादर बिछ गई。
गर्मी से मिली राहत, तापमान में आई गिरावट
इस अंधड़ और बारिश के बाद मौसम में अच्छी-खासी ठंडक घुल गई है। दोपहर तक जो तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ था, वह आंधी-बारिश के बाद तेजी से लुढ़क कर नीचे आ गया। मौसम विभाग के अनुसार, इस प्री-मानसून एक्टिविटी की वजह से वातावरण में ठंडक बनी रहेगी।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने आने वाले 24 से 48 घंटों के लिए राज्य के पश्चिमी हिस्सों में इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों को चेतावनी दी है कि आंधी-तूफान के समय बिजली के खंभों और पुराने पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
