इंदौर | छात्रा के अपहरण मामले में इंदौर पुलिस को एक सफलता हाथ लगी है , मध्यप्रदेश के शिवपुरी की जिस छात्रा ने राजस्थान के कोटा से खुद के अपहरण की साजिश रची, उसका कनेक्शन इंदौर से निकला है। छात्रा किडनैप नहीं हुई, बल्कि दोस्त के साथ मिल कर साजिश रची गई थी। इसका सीसीटीवी फुटेज सामने आया है।
20 साल की काव्या धाकड़ पहले इंदौर पढ़ने आई थी। कुछ छात्रों से अनबन के बाद पिता उसे वापस शिवपुरी ले गए। बाद में नीट की तैयारी के लिए कोटा भेजा। कोटा पुलिस का दावा है कि यहां लड़की सिर्फ अगस्त 2023 में तीन दिन के लिए मां के साथ आई थी। मां के लौटने के बाद वह वापस इंदौर अपने दोस्त के पास आ गई थी। जब भी घर से फोन आते तो वह माता-पिता को कहती रही कि वह कोटा में पढ़ रही है।
गुरुवार सुबह पुलिस को काव्या और हर्षित की लोकेशन निमाड़ इलाके में मिली। पुलिस सुबह से इलाके में तलाश के लिए जुट गई है।
काव्या ने इंदौर में ही अपने दोस्तों के साथ मिलकर खुद के किडनैपिंग की साजिश रची। दोस्तों के साथ विदेश जाने के लिए उसने ऐसा किया। इसके लिए पिता को ही वाट्सएप मैसेज कर 30 लाख रुपए फिरौती का मैसेज अज्ञात नाम से भिजवाया था। राजस्थान और मध्यप्रदेश पुलिस के मुताबिक, छात्रा का मानना था कि परिवार बहुत प्यार करता है, यदि उनसे पैसा मांगेंगे तो देंगे। छात्रा ने कुछ दिन पहले अपनी गाड़ी और मोबाइल बेच दिया था। उसने दोस्तों से कहा कि इन पैसों से कुछ दिन खर्च निकल जाएगा।
पुलिस सूत्रों ने कहा कि इंदौर से दो लड़कों को हिरासत में लिया है। गजेंद्र और अमन नाम के इन लड़कों काे कोटा पुलिस ले गई है। हालांकि, इंदौर पुलिस का कहना है कि इंदौर से सिर्फ गजेंद्र काे हिरासत में लिया गया है। पुलिस लड़की और उसके हर्षित नाम के दोस्त को ढूंढ रही है।
