उज्जैन || कर्णाटक के राज्यपाल और नागदा निवासी भाजपा के वरिष्ठ नेता थावर चन्द्र गहलोत के पोते पर जिले के नागदा स्थित सिविल अस्पताल के बीएमओ ने बिरला ग्राम थाने में शिकायत दर्ज करवाई है , आरोप है की राज्यपाल के पोते ने अस्पताल के बी एम् ओ के साथ मारपीट की है और कम्प्यूटर विभाग में घुस कर सीएम हेल्पलाइन डेटा वाला सीपीयू लेकर गया था जिसका सीसीटीव्ही फुटेज भी सामने आया था उक्त मामले में अब आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई है। अस्पताल के बीएमओ डॉ. शिवराज कौशल ने थाना बिरलाग्राम में गेहलोत के पोते मनीष गेहलोत के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई हैं।
पहले भी इस घटना से जुड़े मामले में सामने आए सीसीटीवी फुटेज में मनीष गेहलोत के सीपीयू ले जाते हुए दिखने का दावा किया गया था। बाद में सीपीयू अस्पताल में वापस रख दिया गया था। उस समय अस्पताल प्रशासन ने चुप्पी साध ली थी और बीएमओ ने खुद को अवकाश पर बताया था, जबकि पुलिस ने शिकायत नहीं मिलने की बात कही थी।
बीएमओ कौशल ने अपनी शिकायत में कहा कि 25 मार्च 2026 को दोपहर 3 से 4 बजे के बीच मनीष गेहलोत 4-5 साथियों के साथ सिविल अस्पताल नागदा में जबरन घुसा और विभागीय कंप्यूटर का सीपीयू कक्ष से उठाकर ले गया। जिसमें सीएम हेल्प लाइन से जुडा महत्वपूर्ण डाटा था
शिकायत के अनुसार, रोकने का प्रयास करने पर मनीष गेहलोत ने डॉ. कौशल के साथ मारपीट की। साथ ही उन्हें, उनके परिवार को जान से मारने और पत्नी को उठवाने तक की धमकी दी गई।
बुधवार को डॉ. कौशल द्वारा दिया गया शिकायत पत्र सोशल मीडिया पर भी सामने आया, जिसमें मनीष गेहलोत के खिलाफ कई गंभीर आरोप दर्ज हैं।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि मनीष गेहलोत, जो खुद को अविघ्न हॉस्पिटल का संचालक बताता है, शासकीय अस्पताल के मरीजों और प्रसूताओं को आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से अपने अस्पताल में रेफर कराने का दबाव बना रहा था।
डॉ. कौशल के मुताबिक, निजी अस्पताल में मरीज भेजने और प्राइवेट क्लिनिक बंद कराने में सहयोग न करने पर दुर्भावना रखते हुए इस घटना को अंजाम दिया गया।
शिकायत में कहा गया है कि अस्पताल परिसर में जबरन घुसपैठ, शासकीय कंप्यूटर सीपीयू ले जाना, मारपीट और धमकी देना संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है। मामले में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई और सुरक्षा देने की मांग की गई है।
इस पूरे मामले में शिकायत करने वाले डॉ. शिवराज कौशल ने अभी मीडिया से कोई बातचीत नहीं की है।
