HEADLINE
- उज्जैन में दर्दनाक हादसा
- श्री गंगा होटल के चेंबर में दम घुटने से चार लोगों की मौत
- बचाने उतरे लोग भी हुए बीमार
- देवास रोड स्थित होटल में देर रात मचा हड़कंप
- करीब डेढ़ घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
- कलेक्टर और एसपी पहुंचे मौके पर
उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन में देर रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। देवास रोड स्थित श्री गंगा होटल में चेंबर की सफाई करने उतरे चार लोगों की मौत हो गई। वहीं, उन्हें बचाने के लिए चेंबर में उतरे तीन अन्य लोगों की तबीयत भी बिगड़ गई, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक सब इंस्पेक्टर के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है।
एक के बाद एक चेंबर में फंसते गए कर्मचारी
जानकारी के अनुसार, श्री गंगा होटल में रात के समय ओवरग्राउंड चेंबर की सफाई का काम चल रहा था। इसी दौरान एक व्यक्ति सफाई के लिए चेंबर के अंदर उतरा, लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं आया। उसे बचाने के प्रयास में एक के बाद एक अन्य लोग भी चेंबर में उतरते चले गए। देखते ही देखते चार लोग अंदर फंस गए। आशंका जताई जा रही है कि चेंबर के भीतर जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी के कारण यह हादसा हुआ।
कटर मशीन से काटा गया चेंबर का गेट
घटना की सूचना मिलते ही माधव नगर थाना प्रभारी गजेंद्र पचोरिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। चेंबर का गेट बंद होने के कारण कटर मशीन की मदद से उसे कटवाया गया। इसके बाद पुलिस और बचाव दल ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद चारों लोगों को चेंबर से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
चार लोगों की मौत, बचाने पहुंचे तीन अन्य की भी बिगड़ी तबीयत
मृतकों की पहचान कमलेश तंबोली, नितिन, वाहिद और मनोज मीणा के रूप में बताई गई है। वहीं, एक अन्य मृतक की पहचान को लेकर भी प्रारंभिक जानकारी में असमंजस सामने आया है। चारों को बचाने के लिए चेंबर में उतरे तीन अन्य लोगों की भी तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। रेस्क्यू के दौरान एक सब इंस्पेक्टर के घायल होने की भी जानकारी है।
मौके पर पहुंचे कलेक्टर और एसपी
हादसे की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर रोशन सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य और हादसे से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी ली।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे गंभीर सवाल
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर बंद चेंबर, सीवर और टैंक की सफाई के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के लोग चेंबर के भीतर कैसे उतरे? क्या सफाई के दौरान गैस की जांच और ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित की गई थी? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।
**फिलहाल इस हादसे ने चार परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। अब सभी की नजरें प्रशासनिक जांच और हादसे के वास्तविक कारणों पर टिकी हैं।**

