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मध्यप्रदेश की पहली मेडिसिटी का आज होगा भूमि पूजन: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल सहित चिकित्सा मंत्री होंगे शामिल

उज्जैन || पूर्व ओधोगिक नगरी , प्रदेश की धार्मिक राजधानी उज्जैन को अब एक नई पहचान मिलने जा रही है , आज वह शुभ दिन है जब उज्जैन अब प्रदेश में मेडिसिटी के नाम से भी पहचाना जाएगा , मध्यप्रदेश के  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार यानी आज उज्जैन में 592.3 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले मेडिकल कॉलेज का भूमि पूजन करेंगे।

इस दौरान उनके साथ प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल , लोक स्वाश्थय एवं चिकित्सा मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल भी शामिल होंगे मुख्यमंत्री डॉ यादव आज  मध्य प्रदेश की बनने जा रही पहली मेडिसिटी की आधारशिला भी रखेंगे। भूमि पूजन कार्यक्रम सामाजिक न्याय परिसर में होगा, जिसके लिए बड़ा डोम बनाया गया है। मेडिकल कॉलेज लगभग तीन सालों में बनकर तैयार होगा।

कलेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि कई वर्षों से उज्जैनवासी मेडिकल कॉलेज की मांग कर रहे थे। यह उनके लिए बड़ा दिन है, क्योंकि मेडिकल कॉलेज के भूमि पूजन के साथ पहली मेडिसिटी की अवधारणा साकार होने जा रही है।

उज्जैन में बनने वाला मेडिकल कॉलेज 14.97 एकड़ जमीन पर 592.3 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा। इसमें 550 बेड की क्षमता वाला अस्पताल होगा और 150 मेडिकल छात्रों को चिकित्सा शिक्षा प्रदान की जाएगी। कॉलेज परिसर में 14 मंजिला हॉस्टल और 6 मंजिला अस्पताल का निर्माण होगा।

मेडिकल कॉलेज में 380 क्षमता का नर्सिंग हॉस्टल, यूजी-इंटर्न गर्ल्स और बॉयज हॉस्टल, सर्विस ब्लॉक, लाइब्रेरी, पार्किंग, जिमनेजियम और फुटओवर ब्रिज की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा भवन में ऊर्जा दक्षता, फायर सेफ्टी, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, सोलर पावर, इलेक्ट्रिसिटी बैकअप और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग होगा।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का आज का कार्यक्रम

  • मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज उज्जैन में करेंगे मेडिसिटी और मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन
  • इंदौर की सिंबायोसिस यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में होंगे शामिल
  • मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज दोपहर 12.20 बजे भोपाल से इंदौर रवाना होंगे।
  • दोपहर 1 बजे सिंबायोसिस यूनिवर्सिटी इंदौर के 6 वें दीक्षांत समारोह में सहभागिता
  • दोपहर 2.35 बजे इंदौर से उज्जैन आगमन
  • *दोपहर 2.45 बजे इंदौर रोड़ स्थित महामृत्युंजय द्वार पर श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता
  • दोपहर 2.50 बजे सामाजिक न्याय परिसर में मेडिसिटी एवं चिकित्सा महाविद्यालय उज्जैन का भूमिपूजन
  • सायं 4.15 बजे टॉवर चौक फ्रीगंज बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा का अनावरण
  • सायं 5.45 उज्जैन से भोपाल आगमन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनसंवाद एक्सप्रेस से चर्चा में  कहा कि पिछले 20 साल में मध्यप्रदेश सरकार ने चिकित्सा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाएं हैं। वर्ष 2004-05 में प्रदेश में मात्र 5 मेडिकल कॉलेज थे, वर्तमान में प्रदेश में 17 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं और 8 निर्माणाधीन हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ अवधि में लगभग 15 करोड़ की आबादी उज्जैन में होगी। सामान्य समय में भी लगभग 5 से 7 करोड़ यात्री प्रतिवर्ष उज्जैन पधार रहे हैं। अतः यहां मेडिसिटी का बनना उपयोगी और महत्वपूर्ण है। उज्जैन में आकार ले रही मेडिसिटी के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

क्या होती है मेडिसिटी

चिकित्सा स्वास्थ्य और उपचार का एक  क्षेत्र है। जहा एक ही परिसर में आपको सभी सुविधाए उपलब्ध हो जाएगी वह भी आसानी से , किसी भी प्रकार की जाँच चेकअप के लिए आपको कंही और जगह भटकना नहीं पड़ेगा | इसमें नर्स, डॉक्टर और विभिन्न विशेषज्ञ भी  शामिल हैं। इसमें रोग का निदान, उपचार और रोकथाम, चिकित्सा अनुसंधान और स्वास्थ्य के कई अन्य पहलू शामिल हैं। चिकित्सा का उद्देश्य स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देना और बनाए रखना है। जिनका इस्तेमाल बीमारियों को ठीक करने, रोकने, लक्षणों को कम करने, या बीमारियों के निदान में मदद करने के लिए किया जाता है.|

मेडिसिटी बनने से उज्जैन के आसपास कई किलो मीटर तक के नागरिको को स्वास्थ के क्षेत्र में काफी हद तक मदद मिल सकेगी , अब किसी को उज्जैन से इंदौर की और उपचार के लिए दोड नहीं लगाना पड़ेगी कई हद तक मेडिसिटी में ही जरुरत मंदों का निदान हो जाएगा |

अभी क्या परेशानी होती थी जिला अस्पताल में

उज्जैन का जिला अस्पताल अभी भीसंभाग के बड़े अस्पतालों में शामिल था लेकिन यह हर बीमारी का उपचार होना संभव नहीं हो पाता था कई जांचो की मशीन आज भी जिला अस्पताल के पास उपलब्ध नही थी जिसके कारण मरीजो को इधर उधर भटकना पड़ता था MRI जैसी जाँच के लिए निजी संस्थानों तक जाना पढता था कई बीमारियों के स्पेशलिस्ट की कमी होने के कारन मरीज को इंदौर एम् वाय अस्पताल के लिए रेफर किया जाता था |

 

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