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पहले सिलिकॉन वैली बैंक बाद में सिग्नेचर बैंक बंद

न्यूयॉर्क राज्य के वित्तीय सेवा विभाग में फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (एफडीआईसी) ने सिग्नेचर बैंक को अपने नियंत्रण में ले लिया है. बताया जा रहा है कि इस बैंक के पास पिछले साल के अंत में 110.36 बिलियन डॉलर की संपत्ति थी और उसके खातों में 88.59 डॉलर जमा थे.

नई दिल्ली: कैलिफोर्निया के अधिकारियों ने सिलिकॉन वैलीबैं के बंद होने के बाद न्यूयॉर्क स्थित सिग्नेचर बैंक को भी बंद करने का ऐलान कर दिया. यह अमेरिकी बैंकिंग इतिहास में तीसरी सबसे बड़ी विफलता बन गई है. सिग्नेचर बैंक की विफलता की खबर सिलिकॉन वैली बैंक के बंद होने के बाद आई है. 2008 यह अमेरिकी इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा बैंकिंग पतन है. न्यूयॉर्क राज्य के वित्तीय सेवा विभाग में फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (एफडीआईसी) ने सिग्नेचर बैंक को अपने नियंत्रण में ले लिया है. बताया जा रहा है कि इस बैंक के पास पिछले साल के अंत में 110.36 बिलियन डॉलर की संपत्ति थी और उसके खातों में 88.59 डॉलर जमा थे.

गौरतलब है कि अमेरिकी ट्रेजरी विभाग और अन्य बैंक नियामकों ने एक संयुक्त बयान में कहा गया है कि सिग्नेचर बैंक और सिलिकॉन वैली बैंक के सभी जमाकर्ताओं का भुगतान किया जाएगा और करदाताओं को कोई नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा. अमेरिका इन बैंकों के अचानक बंद होने का असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर तो पड़ेगा ही साथ ही वहां की बैंकिंग व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं. बैंकिंग व्यवस्था के नियामक की निगरानी पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं. फेडरल रिजर्व आखिर क्या कर रहा था कि अचानक बैंकों के बंद होने की नौबत आ गई है. आश्चर्यजनक रूप से अभी 7 मार्च को ही एसवीबी फाइनेंशियल ग्रुप ने फोर्ब्स की सूची में लगातार शामिल होने पर गर्व की बात कही थी. 40 साल से चल रहे इस बैंक के अब बंद होने की खबरें हैं.

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