नई दिल्ली || भारतीय नौसेना को आज स्वदेशी स्टील्थ युद्धपोत ‘तारागिरी’ सौंपा जाएगा। यह प्रोजेक्ट 17A का चौथा युद्धपोत है, जो समुद्री सुरक्षा और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता को मजबूत करेगा। भारतीय नौसेना आज अपने बेड़े में एक और स्वदेशी स्टील्थ युद्धपोत ‘तारागिरी’ को शामिल करने जा रही है। यह युद्धपोत समुद्री संप्रभुता को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
विशाखापत्तनम में एडवांस स्टेल्थ फ्रिगेट ‘तारागिरी’ का कमीशनिंग समारोह आयोजित होगा, जिसमें राजनाथ सिंह भी शामिल होंगे।
‘तारागिरी’ स्वदेशी रूप से विकसित स्टील्थ युद्धपोत है। रक्षा मंत्री ने इसे आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को मजबूत करने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि यह युद्धपोत देश की समुद्री सुरक्षा को नई ताकत देगा।
प्रोजेक्ट 17A क्लास के चौथे प्लेटफॉर्म के रूप में तारागिरी महज एक जहाज नहीं है। यह 6,670 टन का युद्धपोत दुश्मनों को परास्त करने का पूरा दम रखता है।
यह युद्धपोत न केवल नौसेना की ताकत बढ़ाएगा, बल्कि देश के स्वदेशी शिपयार्ड्स की इंजीनियरिंग क्षमता को भी दर्शाता है। इसके शामिल होने से भारत आत्मनिर्भर नौसैनिक क्षमता की ओर और तेजी से आगे बढ़ रहा है।
