वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वर्ष 2009 में टेक्सास के फोर्ट हूड सैन्य अड्डे पर गोलीबारी कर 13 लोगों की हत्या करने वाले सेना के पूर्व मेजर निदाल मलिक हसन को फायरिंग स्क्वाड द्वारा मौत की सजा को मंजूरी दे दी है। 9cc8
पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि युद्ध मामलों के सचिव पीट हेगसेथ ने फायरिंग स्क्वाड की सिफारिश की थी, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप ने मंजूर कर लिया है। पार्नेल ने लिखा, “आखिरकार हसन के लिए फैसले का दिन आ गया है”। 9cc8
सेना में मनोचिकित्सक रहे हसन ने 5 नवंबर 2009 को ‘अल्लाहु अकबर’ का नारा लगाते हुए सैनिकों पर गोलीबारी की थी, जिसमें 13 लोग मारे गए और 32 से अधिक घायल हुए थे। हसन को 2013 में कोर्ट मार्शल द्वारा मौत की सजा सुनाई गई थी। 9cc8
यदि यह सजा अमल में आती है तो यह 1961 के बाद अमेरिकी सेना द्वारा दी गई पहली फांसी होगी। आखिरी बार प्राइवेट जॉन बेनेट को फांसी दी गई थी। 9cc8
आर्मी सचिव अब फांसी के समय और स्थान का फैसला करेंगे। वर्तमान में हसन समेत 4 लोग कंसास के फोर्ट लीवनवर्थ में सैन्य मृत्युदंड की सूची में हैं।

