नई दिल्ली। वोट चोरी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित धांधली को लेकर INDIA ब्लॉक के 10 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार रात 8 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। डेलीगेशन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
राष्ट्रपति से मिलने से पहले सभी सांसद संसद के सेंट्रल हॉल में शाम 5 बजे जुटे। वहां बैठक कर रणनीति तय की गई। इसके बाद ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ और ‘Save Democracy’ के बैनर के साथ संसद से राष्ट्रपति भवन तक मार्च किया गया।
कौन-कौन राष्ट्रपति से मिला?
राष्ट्रपति से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में –
1. मल्लिकार्जुन खरगे,
2. राहुल गांधी,
3. ममता बनर्जी,
4. तेजस्वी यादव,
5. एम ए बेबी,
6. सुप्रिया सुले,
7. उमर अब्दुल्ला,
8. डी राजा,
9. मनोज झा,
10. टी तिरुमावलवन शामिल थे।
क्या है आरोप?
INDIA ब्लॉक का आरोप है कि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है। वोटर लिस्ट के SIR में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि ज्ञापन में बताया गया है कि कैसे लोकतंत्र की हत्या की जा रही है।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग और भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है। सुरक्षा के मद्देनजर CEC ज्ञानेश कुमार की Z+ सुरक्षा बढ़ा दी गई है और दिल्ली प्रशासन ने 9 और 10 अक्टूबर को शराब की दुकानें बंद रखने का आदेश दिया है।
इस दौरान प्रियंका गांधी, अभिषेक बनर्जी सहित अन्य सांसद विजय चौक पर धरने पर बैठे रहे। रायसीना हिल्स पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।

