नागदा से राकेश शर्मा।
नागदा नगर पालिका परिषद मध्यप्रदेश के प्रथम स्थान पर रहने वाली उसका मुख्य कारण यह कि औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण करोड़ो का राजस्व वसूलने वाली नगर पालिका है इसी कारण से यहां की नगर पालिका के अध्यक्ष पद की कुर्सी को हासिल करने लिए लाखों की लेने देन कर टिकिट की होड़ होती जब यह मुकाम हासिल हो जाता है तो बाइक पर घूमने वाले अध्यक्ष चंद महीनों में लाखों की कीमत वाली चार पहिया वाहन में सफर करते नजर आते है।आमजन विश्वास कर अपना अमूल्य मतदान कर विजयी घोषित करते है।लेकिन आमजन के विश्वास को ठेस पहुचकर अपने निजी स्वार्थ की दौड़ में लग जाते है।
ऐसा ही एक ओर मामला उजागर हुआ कि 30 लाख की लागत से बनी बाउंड्री दीवाल ट्रेंचिंग ग्राउंड गिंदवानिया गाँव मे बनी हुई थी जिसको बने लगभग दो वर्ष भी नही हुए और पहली बारिश तेज हवा में ही ध्वस्त हो गई सूचना मिलने पर अग्निसाक्षी संवादाता कवरेज के लिए पहुचे तो जानकारी मिली कवरेज में कम mm का सरिया, कम ग्रेड की सीमेंट का उपयोग कर बिना कालम से सी इमारत खड़ी की जिसके कारण यह बाउंड्री दीवाल गिर गई जबकि विगत वर्षों से बनी उसी दीवाल के पास बनी बाउंड्री दीवाल आज भी खड़ी हुई है। इस्से पता चलता है कि भ्रष्टाचार कैसे होता है टेंडर कैसे हुआ ,समाचार पत्र में टेंडर विज्ञप्ति कैसे प्रकाशित हुआ,कैसे अधिकारी बी एल गुप्ता इंजीनियर शाहिद मिर्जा ने केसी जांच की ओर केसी रिपोर्ट बनाई होगी और ठेकेदार के कार्य मे गुणवत्ता की कमी को छुपाकर कैसे सर्वश्रेष्ठ रिपोर्ट बनाकर 30 लाख का बिल पास हुआ होगा।ऐसे भृष्ट अधिकारियों ने कैसे अपना कमीशन कमाया होगा।आमजन के पैसों को नगर पालिका परिषद नागदा अध्यक्ष, मुख्य नगर पालिका अधिकारी कैसे उड़ा रहे है।
