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- कांग्रेस ने किया संविधान सत्याग्रह और उपवास
- संविधान सत्याग्रह में शामिल हुए प्रदेश के कांग्रेस नेता
- कांग्रेस विधायक और प्रदेश अध्यक्ष प्रदेश प्रभारी सत्याग्रह में शामिल
- कांग्रेस कर रही उच्च न्यायलय परिसर में डॉ आंबेडकर की प्रतिमा लगाने की मांग

ग्वालियर || प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व में बुधवार को ग्वालियर में “संविधान सत्याग्रह” और उपवास का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को ग्वालियर उच्च न्यायालय परिसर में स्थापित किए जाने की माँग के समर्थन में आयोजित किया गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों, संगठन पदाधिकारियों एवं संविधान प्रेमियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर बाबा साहब के विचारों और भारतीय संविधान की मूल भावना की रक्षा का संकल्प लिया।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी जी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह , प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी , नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार , राज्यसभा सांसद अशोक सिंह, प्रदेश सह प्रभारी संजय दत्त , पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा सहित, संगठन पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अनुमति के बाद भी प्रतिमा स्थापना में अटकल एक साजिश
संविधान सत्याग्रह में शामिल हुए मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी ने अपने संबोधन के दोरान कहा की
“ग्वालियर उच्च न्यायालय परिसर में बाबा साहब की प्रतिमा स्थापना के लिए प्रशासनिक अनुमति पहले ही मिल चुकी है, फिर भी इसे रोका जाना एक सोची-समझी साजिश और संविधान विरोधी ताकतों की चाल है। कांग्रेस इस अन्याय के विरुद्ध चुप नहीं बैठेगी।”
दलितों पर अत्याचार की राजधानी बना एमपी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा “भारतीय जनता पार्टी अपने पापों को छुपाने के लिए ये सब कर रही है. उन्हें काला दिवस इस बात का मनाना चाहिए क्योंकि प्रदेश में सबसे ज़्यादा दलित बहनें ग़ायब हुईं. दलितों पर सबसे ज्यादा अत्याचार की राजधानी मध्य प्रदेश बन गया. लंबी फ़ेहरिस्त है बीजेपी के नेताओं की जो आम जनता को लगातार यातनाएं दे रहे हैं. मोदी ने 12-13 सरकारें गिरा दीं, 600 विधायकों की खरीद फरोख्त कर 500 से ज़्यादा सांसदों की मंडी लगवा दी, यह काला दिवस नहीं तो क्या है?”
उपवास में शामिल प्रमुख नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर बाबा साहब के योगदान को कम करने और समाज में वर्ग संघर्ष पैदा करने का गंभीर आरोप लगाया। नेताओं ने कहा कि यह दोनों संगठन बाबा साहब की विचारधारा से डरते हैं और देश को जातिगत नफरत की आग में झोंकना चाहते हैं। कांग्रेस बाबा साहब के समतामूलक समाज के निर्माण के संकल्प के साथ उनके विचारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।
यह सत्याग्रह कार्यक्रम संविधान की रक्षा और बाबा साहब के प्रति सम्मान प्रकट करने का प्रतीक बना। कांग्रेस पार्टी ने पुनः दोहराया कि जब तक न्यायालय परिसर में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित नहीं होती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।


