रतलाम अपने सकारात्मक स्वभाव के लिए जाने जाने वाले रतलाम कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी का एक बार फिर संवेदनशील रवैया देखने को मिला है। शहर के एक निजी अस्पताल में दुर्घटना से घायल होकर भर्ती मरीज की बेटी ने कलेक्टर से मदद की गुहार लगाई तो कलेक्टर खुद निजी अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवार को मदद के रूप में 25 हजार का चेक दिया और अस्कपताल प्ररबंधन से बात भी की ताकि आगे का उपचार ठीक से हो सके वही कलेक्टर ने मदद के लिए आई बेटी को भी पिता के बेहतर उपचार करवाने का आश्वासन दिया है।
दरअसल बाजना के इमलीपाड़ा गांव के आदिवासी किसान भूरजी चरपोटा 2 महीने पहले एक बाइक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिसके बाद से ही वह अचेत अवस्था में शाह नर्सिंग होम में भर्ती है। लेकिन निजी अस्पताल में 4 लाख रुपए का खर्च होने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों से 2 लाख रुपयों की और मांग की। जिसकी फरियाद लेकर मरीज की बेटी मनीषा कलेक्टर से मिलने पहुंची। जिस पर कलेक्टर प्रशासनिक अमले के साथ पहुंच कर पीड़ित परिवार को तत्काल 25 हजार रुपये की तात्कालिक मदद उपलब्ध करवाने के साथ अस्पताल प्रबंधन को रुपयों के अभाव में मरीज का उपचार बंद नहीं करने के निर्देश दिए है।
कलेक्टर से मिलने पहुंची बालिका मनीषा चरपोटा ने बताया की उसके पिता बाईक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गये थे। शहर के शाह नर्सिंग होम में उपचार के दौरान करीब 4 लाख रुपये खर्च दिए। जिसमें उनकी जमीन भी बिक गई। लेकिन अस्पताल प्रबंधन 2 लाख रुपये जमा करवाने का दबाव बना रहा है। बालिका की दुख भरी गुहार सुनकर कलेक्टर स्वयं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ निजी अस्पताल पहुंचे और मरीज के उपचार के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी अस्पताल प्रबंधन को रुपयों के अभाव में उपचार बंद नहीं करने के सख्त निर्देश दिए। वहीं, मरीज को बेहतर उपचार के लिए इंदौर के अस्पताल भिजवाने के निर्देश भी प्रशासनिक अधिकारियों और सीएमएचओ को दिए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा तुरंत सुनवाई करने और मदद का आश्वासन मिलने के बाद मनीषा चरपोटा में अधिकारियों और प्रदेश के मुख्य शिवराज सिंह चौहान के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया है।



