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प्रेमचंद्र गुड्डू ने फिर कांग्रेस छोड़ी , आलोट से निर्दलीय प्रत्याशी केरूप में मैदान में

रतलाम _ मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के आलोट विधानसभा क्षेत्र इस बार त्रिकोणी मुकाबला देखने को मिल रहा है , क्योकि  कांग्रेस से  टिकट नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस के कद्दावर नेता प्रेमचंद गुड्डू ने कांग्रेस छोड़ निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान पकड लिया है । कांग्रेस से दो बार विधायक और एक बार सांसद रहे प्रेमचंद गुड्डू ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा पत्र के माध्यम से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खड़गे को भेजा है।

दरसअल कांग्रेस के कद्दावर नेता प्रेमचंद गुड्डू ने पत्र में कांग्रेस नेता कमलनाथ और दिग्विजयसिंह पर प्रदेश में टिकट वितरण को लेकर अनियमितता करने के आरोप भी लगाए है। उन्होंने पत्र में कहा की मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के द्वारा टिकट वितरण में बहुत ज्यादा अनियमितता की गई है। चुनाव के पहले तक यह दावा किया जाता रहा है की जीतने लायक प्रत्याशियों को टिकट दिया जाएगा। सर्वेक्षण के आधार पर टिकट जीतने वाले प्रत्याशियों को ही दिया जाएगा। मध्य प्रदेश में कांग्रेस के पक्ष में वातावरण बना हुआ था। इस वातावरण का लाभ उठाने के लिए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के द्वारा आपस में टिकटों का बंटवारा कर लिया गया। अपने समर्थकों के बीच में टिकट बांट लिए गए। इस दौरान इस बात को नजरअंदाज किया गया कि विधानसभा क्षेत्र में जीतने लायक प्रत्याशी कौन है?

गुड्डू ने पत्र  के माध्यम से पार्टी को  अपनी पीड़ा बताई 

पत्र में गुड्डू ने लिखा की मेरे द्वारा मध्य प्रदेश रतलाम जिले की अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित आलोट विधानसभा क्षेत्र से टिकट मांगा गया था। इस विधानसभा क्षेत्र से मैं पूर्व में विधायक रह चुका हूं। इसके साथ ही में उज्जैन संसदीय क्षेत्र से सांसद भी रहा हूं। इस संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत भी यह विधानसभा क्षेत्र आता है। कांग्रेस के द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में भी रिपोर्ट मेरे अनुकूल थी। इसके बावजूद मुझे कांग्रेस के पटठा वाद के कारण टिकट नहीं दिया गया। इस स्थिति से खिन्न होकर मेरे द्वारा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला लिया गया है। अत में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूं ।

प्रेमचंद गुड्डू अब जिले के आलोट विधानसभा से निर्दलीय रूप से चुनाव मैदान में है। आलोट से विधायक रह चुके गुड्डू के चुनाव मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। गुड्डू के कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय रूप से मैदान में आने से कांग्रेस उम्मीदवार की राह कठिन हो गई है। गुड्डू इस क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर पूर्व में सांसद और विधायक का चुनाव जीत चुके है। क्षेत्र में उनके समर्थकों की अच्छी खासी संख्या है। जिसके कारण वह चुनाव मैदान में निर्दलीय उतर गए है।

पिछले चुनाव में भी कांग्रेस छोड़ भाजपा में गए थे गुड्डू और पुत्र अजित 

दरअसल ये पहली बार नहीं है की प्रेमचंद्र गुड्डू कांग्रेस छोड़ रहे है इससे पहले भी वह 2018 के विधानसभा में भी अपने पुत्र के लिए कांग्रेस से टिकिट मांग रहे थे लेकिन बेटे का टिकिट ना होने पर गुड्डू ने कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया था और भाजपा ने उनके बेटे को घट्टिया विधानसभा से प्रत्याशी बनाया था ,लेकिन यह वह अपने बेटे को जीता नहीं पाए थे क्योकि बाहरी प्रत्याशी का खामयाजा उन्हें भुगतना पड़ा था और भाजपा के कार्यकर्ताओ ने भी उन्हें स्वीकार नहीं किया था | एक बार फिर 2023 के चुनाव में गुड्डू के बगावती सुर देखने को मिले है और वह इस बार भी निर्दलीय मैदान में है |

बेटी रीना को सांवेर से  दिया पार्टी ने टिकिट 

हालकी प्रेमचंद्र गुड्डू के परिवार में एक सदस्य को कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी जरुर बनाया है , इंदौर जिले की सांवेर विधानसभा सीट पर प्रेमचंद्र गुड्डू की बेटी को कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी बनाया है लेकिन गुड्डू बेटी की जगह खुद का टिकिट मांग रहे थे लेकिन पार्टी ने सर्वे के आधार पर उनकी बेटी को प्राथमिकता दी , वही पारिवारिक विवाद के चलते गुड्डू अपनी बेटी के चुनावी प्रचार से दूर है और खुद आलोट से निर्दलीय मैदान में है |

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