भोपाल || उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है। यह भारतीय धर्म, संस्कृति, आध्यात्म और पर्यटन का अद्भुत समागम है। सिंहस्थ को देखते हुए सरकार ने भी सभी तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। हमारी कोशिश है कि 30 किलोमीटर लम्बे घाटों में 24 घंटे में 5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु शिप्रा के शुद्ध जल में स्नान-आचमन कर लें। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ को बेहतर बनाने के लिए हमने उज्जैन में 2675 करोड़ रुपए की लागत से 33 प्रमुख कार्यों को मंजूरी दे दी है। इन कामों पर क्रियान्वयन भी शुरू हो चुका है।
सिंहस्थ के दौरान क्राउड मैनेजमेंट पर हमारा विशेष ध्यान रहेगा। इसीलिए संपूर्ण मेला क्षेत्र को फोर लेन और सिक्स लेन मार्गों से जोड़कर निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा रही है। श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए उज्जैन को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी दिशा में उज्जैन में आधुनिक मेडिसिटी का निर्माण प्रगति पर है। यहां एक नया इंडस्ट्रियल पार्क भी बनाया जा रहा है। इंजीनियरिंग कॉलेज के पुराने कैम्पस में नया आईटी पार्क और साइंस सिटी बनाई जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रोजेक्ट स्वाध्याय के लिए 3 हजार युवाओं के लिए निनौरा और मक्सी के पास 2 हजार युवाओं के लिए कौशल विकास केंद्र शुरू किए हैं। इंदौर-उज्जैन के बीच भविष्य में मेट्रो भी दौड़ेगी, लेकिन उससे पहले वंदे भारत मेट्रो ट्रेन की सौगात मिलेगी। शहर के चिंतामण गणेश स्टेशन को भी मुख्य स्टेशन के तौर पर विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मोहनपुरा में भी एक नया रेलवे स्टेशन बनेगा। उज्जैन के समीप ही एक बड़ा एयरपोर्ट भी बनाया जा रहा है, जिससे श्रद्धालु सीधे उज्जैन में ही उतर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में शनि लोक का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 140 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं।
यह शनि लोक आस्था और पर्यटन के क्षेत्र में उज्जैन की एक और नई पहचान स्थापित करेगा। उज्जैन को दूसरे शहरों से जोड़ने के लिए यहां चारों दिशाओं में फोरलेन बन रहे हैं। यहां करीब 12-13 नए पुल भी निर्माणाधीन हैं। इससे आवागमन बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि उज्जैन अब इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन एरिया का हिस्सा होगा। यह कुल 14 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बनाया जाएगा। दिल्ली के बाद देश का यह दूसरा सबसे बड़ा मेट्रोपॉलिटन एरिया बनने जा रहा है। इसमें उज्जैन संभाग के शाजापुर, शुजालपुर, देवास और रतलाम भी शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत बदलते दौर में नई कहानी लिख रहा है। उज्जैन में बना भव्य महाकाल लोक देश-दुनिया में अपनी अनूठी पहचान बना रहा है। महाकाल के दर्शन से जीवन धन्य हो जाता है। वे सिर्फ उज्जैन के नहीं, पूरी दुनिया के महाकाल हैं। यह हमारा सौभाग्य है कि 1980 के बाद पहली बार क्षिप्रा के जल से ही सिंहस्थ में स्नान होगा। कान्ह नदी परियोजना के माध्यम से उज्जैनवासियों को आचमन के लिए शुद्ध जल और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन नगरी का हर काल में विशेष महत्व रहा है। यहां विराजे महाकाल हम सभी के शरीर में विद्मान हैं।
हमारे द्वारा किए जा रहे सभी कार्य महाकाल के निमित्त से ही पूर्ण होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैनवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे सिंहस्थ के समय देश-दुनिया के आगंतुकों की खुले दिल से मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने जिला प्रशासन से ऐसे स्वयंसेवियों की सूची तैयार करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के पास एक जूना महाकाल भी हैं। उज्जैन दुनिया के लिए ग्रहों की काल गणना का केंद्र रहा है। राज्य सरकार ने इसी आधार पर वैदिक घड़ी तैयार की है। सिंहस्थ की आयोजन के लिए शहर में विरासत का संरक्षण करते हुए विकास कार्यों को गति दी जा रही है। बाबा महाकाल मंदिर के पास सम्राट विक्रमादित्य होटल को नया रूप दिया गया है। वीर भारत न्यास के माध्यम से पुरानी कोठी का भी जीर्णोद्धार किया गया है। विकास का यह कारवां लगातार चलता रहेगा, हमारी सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को उज्जैन के नानाखेड़ा स्टेडियम में विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
