उज्जैन || उज्जैन एक बार फिर देश-दुनिया के वैज्ञानिक और बौद्धिक विमर्श का केंद्र बनने जा रहा है। बाबा महाकाल की नगरी में शुक्रवार से महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम पर आधारित प्रदर्शनी और तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने किया।
इसके अलावा उज्जैन सिंहस्थ के लिए 19 किमी लंबे फोर लेन बायपास का भूमिपूजन किया गया। यह सड़क 701 करोड़ रुपए में बनेगी। वहीं 22 करोड़ से विक्रमादित्य हेरिटेज होटल का विस्तारीकरण होगा। कार्यक्रम का आयोजन वसंत विहार स्थित तारामंडल परिसर में किया जा रहा है। जिसमें सांसद अनिल फिरोजिया, केएस मुरली डायरेक्टर जरनल सीआरटीएल, अनिल कोठारी डायरेक्टर जनरल एमपीसीएसटी, डॉ. वीके सारस्वत नीति आयोग के सदस्य, सुरेश सोनी, शिव कुमार शर्मा, डॉ गंती एस मूर्ति नेशनल कॉर्डिनेटर शामिल हुए।
तारामंडल परिसर में तैयार किए गए इस अत्याधुनिक साइंस सेंटर के निर्माण पर 15.20 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं, जिसमें केंद्र सरकार ने 6.50 करोड़ और राज्य सरकार ने 8.56 करोड़ रुपए का योगदान दिया है।
यहां विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।
तीन दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के वैज्ञानिक, खगोलविद, शिक्षाविद, नीति-निर्माता और अंतरिक्ष विशेषज्ञ भाग लेंगे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक अंतरिक्ष विज्ञान के बीच समन्वय स्थापित करना है।
