सिडनी। क्या ब्रह्मांड में पृथ्वी के अलावा भी जीवन संभव है? और अगर है, तो सबसे सुरक्षित जगह कौन सी है? इस सवाल का जवाब वैज्ञानिकों ने सुपरकंप्यूटर द्वारा बनाए गए कृत्रिम ब्रह्मांड से खोजा है।
पश्चिमी सिडनी विश्वविद्यालय के ल्यूक बार्न्स, मिरोस्लाव फिलिपोविच और सिडनी विश्वविद्यालय के गेरेंट लुईस के शोध को *‘मंथली नोटिसेज ऑफ द रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी’* में प्रकाशित किया गया है।
गोल्डीलॉक्स क्षेत्र क्या है?
वैज्ञानिक ऐसी जगह को गोल्डीलॉक्स क्षेत्र कहते हैं जहाँ न बहुत गर्मी हो, न बहुत ठंड, बल्कि जीवन के लिए एकदम अनुकूल परिस्थितियां हों। जहाँ पानी तरल अवस्था में रह सके।
ईगल (EAGLE) प्रोजेक्ट ने क्या बताया?
शोधकर्ताओं ने EAGLE (Evolution and Assembly of Galaxies and Their Environments) सिमुलेशन का उपयोग किया, जो अब तक का सबसे यथार्थपरक ब्रह्मांडीय मॉडल है। इसमें पता चला:
– हमारा सूर्य सबसे सुरक्षित जगह पर है:* सूर्य आकाशगंगा के केंद्र से न बहुत करीब है जहाँ तारों की टक्कर और ब्लैक होल का खतरा है, न बहुत दूर जहाँ जीवन के लिए जरूरी भारी तत्वों की कमी है। यह ‘आकाशगंगीय रहने योग्य क्षेत्र’ में है।
– खतरे क्या हैं: विशाल तारों के विस्फोट (सुपरनोवा), गामा-किरण विस्फोट और आकाशगंगा के केंद्र के विशालकाय ब्लैक होल का विकिरण जीवन को नष्ट कर सकता है। 45 करोड़ साल पहले हुई ऑर्डोविशियन सामूहिक विलुप्ति भी ऐसे ही विस्फोट से हुई मानी जाती है।
– मिल्की-वे सबसे अनुकूल:* हमारी आकाशगंगा अब अपने सबसे खतरनाक दौर से गुजर चुकी है और शांत अवस्था में है। छोटी आकाशगंगाएं संख्या में ज्यादा हैं, लेकिन उनमें ऊर्जावान गतिविधियां ज्यादा होने से जीवन के लिए कम अनुकूल हैं।
शोधकर्ताओं के अनुसार, ब्रह्मांड में जीवन के लिए अनुकूल वातावरण बनने के अवसर अब धीरे-धीरे कम हो रहे हैं। इसलिए खगोलीय नजरिए से मिल्की-वे में रहना सबसे सुरक्षित सौदा है।

