नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा समेत 260 लोगों को दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को हिरासत में ले लिया। इंडिया गठबंधन के 10 सांसदों सहित करीब 250 कार्यकर्ता चुनाव आयोग कार्यालय की ओर बिना अनुमति मार्च निकाल रहे थे।
पुलिस मुख्यालय के बयान के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने पुलिस निर्देशों की अवहेलना की, जिसके बाद निवारक कार्रवाई की गई।
आकाशवाणी परिसर में 9 घंटे चला धरना
संसद भवन से निर्वाचन सदन की ओर कूच कर रहे विपक्षी नेताओं को संसद मार्ग पर बैरिकेड लगाकर रोका गया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य सांसद आकाशवाणी भवन परिसर में ही धरने पर बैठ गए। वे मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलकर वोटर लिस्ट SIR में गड़बड़ी की शिकायत करना चाहते थे। करीब 9 घंटे चले धरने के बाद रात में पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर धरना समाप्त कराया। 2 घंटे बाद सभी को रिहा कर दिया गया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
दिल्ली पुलिस ने बताया कि मार्च के लिए केवल 30 सांसदों को अनुमति दी गई थी, लेकिन 200 से ज्यादा लोग जुट गए। कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका से पूरे इलाके में भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग की गई थी।
विपक्ष का आरोप – वोट चोरी
धरने के दौरान नेताओं ने सिर पर सफेद टोपियां पहनी थीं, जिन पर “SIR” और “वोट चोरी” पर लाल क्रॉस बना था। राहुल गांधी और टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी बैरिकेड पर चढ़ गए। विपक्ष ने चुनाव आयोग पर एकतरफा रवैया अपनाने और चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।

